मिर्जापुर: संयुक्त कृषि निदेशक पर गाली-गलौज और धमकी के आरोप, कर्मचारियों ने खोला मोर्चा

मिर्जापुर: कृषि विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों ने संयुक्त कृषि निदेशक दीपक चौधरी के खिलाफ खुलकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने विभाग परिसर में नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि अतिरिक्त प्रभार पर आए संयुक्त कृषि निदेशक का व्यवहार कर्मचारियों के प्रति बेहद कठोर और अपमानजनक है।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारी आए दिन निलंबन की धमकी देते हैं, सेवा अभिलेख यानी एंट्री खराब करने की बात कहते हैं और कर्मचारियों से गाली-गलौज कर बात करते हैं। उनका आरोप है कि इससे पूरे कार्यालय का माहौल भय और तनाव से भर गया है।

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विवाद उस समय और बढ़ गया, जब एक महिला कर्मचारी को अधिकारी के पास बैठने के लिए कथित रूप से दबाव बनाए जाने का आरोप लगा। कर्मचारियों का कहना है कि महिला कर्मचारी द्वारा पास में बैठने से इनकार करने पर वेतन रोकने और निलंबित करने की धमकी दी गई। इस घटना के बाद कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संयुक्त कृषि निदेशक दीपक चौधरी कर्मचारियों के सम्मान और गरिमा का ध्यान नहीं रखते तथा छोटी-छोटी बातों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाते हैं। कर्मचारियों ने ऐसे व्यवहार पर तत्काल रोक लगाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

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विभाग परिसर में कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की और उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

हालांकि, इन आरोपों पर संयुक्त कृषि निदेशक दीपक चौधरी का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रसारित किया जाएगा। फिलहाल कृषि विभाग में कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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