पहली बार किसी दूसरे देश के पूर्व राष्ट्रपति ने हमारे प्रधानमंत्री को चोर और भ्रष्टाचारी कहा’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कड़ा रुख अपनाया हुआ है। राहुल ने राफेल विमान सौदे में ऑफसेट साझेदार के संदर्भ में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांश्वा ओलांद के कथित बयान को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोला है। राहुल ने कहा कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के कहने पर अनिल अंबानी की कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक तरह से वो कह रहें है कि भारत के प्रधानमंत्री चोर हैं। राहुल ने कहा कि पहली बार है कि किसी दूसरे देश के पूर्व राष्ट्रपति ने हमारे प्रधानमंत्री को चोर और भ्रष्टाचारी कहा है।

 

राफेल सौदे के लिए निजी कंपनी का नाम दिया गया : पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस

 

बता दें कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने दावा किया था कि भारत सरकार ने राफेल सौदे के लिए एक निजी कंपनी का नाम दिया गया था। पूर्व राष्ट्रपति ओलांद ने कहा था कि हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। भारत सरकार ने रिलायंस डिफेंस का नाम सुझाया था और दसॉल्ट ने अंबानी से बात की थी।

 

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वहीं, राफेल विमानों के निर्माता दसॉल्ट एविएशन ने शुक्रवार की रात दिए गए अपने बयान में कहा कि दसॉल्ट एविएशन ने भारत के रिलायंस ग्रुप के साथ साझेदारी करने का फैसला किया था। बयान में कहा गया कि यह दसॉल्ट एविएशन का फैसला था। बयान के मुताबिक, फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की घोषणा 2015 में पीएम मोदी ने की थी और 2016 में डील पर साइन हुआ था।

 

राहुल ने पीएम मोदी से मांगी सफाई

 

राहुल गांधी ने कहा कि यह भ्रष्टाचार, रक्षा और हमारे जवानों के भविष्य का मामला है, प्रधानमंत्री पूरी तरह चुप हैं, वह एक शब्द नहीं बोलते। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘भारत के प्रधानमंत्री को सफाई देनी चाहिए। समझ नहीं आ रहा कि वह क्यों नहीं बोल रहे हैं।’

 

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बता दें कि कांग्रेस पिछले कई महीनों से आरोप लगा रही है कि मोदी सरकार ने फ्रांस की कंपनी दसाल्ट से 36 राफेल फाइटर प्लेन की खरीद का जो सौदा किया है, उसका दाम पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में विमानों की दर को लेकर बनी सहमति की तुलना में बहुत ज्यादा है।

 

कांग्रेस का कहना है कि इस महंगे सौदे से सरकारी खजाने को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। कांग्रेस पार्टी ने दावे के साथ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौदे में बदलाव कराया और एचएएल से ठेका लेकर रिलायंस डिफेंस को दिया गया।

 

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