UP: इटावा में रिश्तों को झकझोर देने वाला मामता सामने आया है। एटा के मेहरा निवासी 70 वर्षीय राजकुमार सक्सेना की मंगलवार को सैफई स्थित आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में इलाज के दौरान मौत हो गई। बुजुर्ग को गंभीर हालत में 16 जुलाई को एटा के वृद्धाश्रम से सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल ने बेटे को दी मौत की सूचना
राजकुमार सक्सेना की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने उनके इकलौते बेटे से संपर्क करने का प्रयास किया। अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर पर फोन करने पर कथित तौर पर बेटे ने अपने पिता को पहचानने से ही इनकार कर दिया। इसके बाद फोन काटकर मोबाइल बंद कर लिया गया। अस्पताल और वृद्धाश्रम कर्मचारियों ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
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बेटे ने ही वृद्धाश्रम में कराया था भर्ती
जानकारी के मुताबिक, राजकुमार सक्सेना को उनके बेटे ने ही एटा के वृद्धाश्रम में भर्ती कराया था। वृद्धाश्रम में रहने के दौरान बुजुर्ग ने बताया था कि उनका इकलौता बेटा गाजियाबाद में नौकरी करता है और वहीं अपने मकान में रहता है। ऐसे में मौत के बाद बेटे द्वारा पिता को पहचानने से इनकार किए जाने की बात ने लोगों को हैरान कर दिया है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
मामले को लेकर प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र राठी ने बताया कि पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल बुजुर्ग के शव को 72 घंटे के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है, ताकि परिजनों से संपर्क या शव की पहचान और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर आगे की कार्रवाई की जा सके।
आखिरी उम्मीद भी नहीं बनी सहारा
जिंदगी के अंतिम दौर में राजकुमार सक्सेना ने अपने बेटे का जिक्र किया था, लेकिन मौत के बाद वही बेटा उनके शव को लेने तक नहीं पहुंचा। अब पुलिस और अस्पताल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती परिजनों तक पहुंचने और बुजुर्ग के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराने की है। घटना ने एक बार फिर बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और बदलते पारिवारिक रिश्तों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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