UP: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) जिले के फाफामऊ इलाके में सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे एक बड़ा हादसा हुआ। चंदापुर स्थित एक बड़े कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का रिसाव होने के बाद धमाका हुआ, जिससे बिल्डिंग का हिस्सा ढह गया। घटना के समय वहां करीब 20 लोग काम कर रहे थे, जिनके मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। यह कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अंसार अहमद से जुड़ा बताया जा रहा है और लगभग 60 एकड़ जमीन में फैला है, जहां 100 से अधिक लोग नियमित रूप से काम करते हैं।
हादसे का विवरण और कारण
सूत्रों के अनुसार, अमोनिया गैस की पाइपलाइन में लीकेज हुआ, जिससे गैस का रिसाव शुरू हुआ। इससे दबाव बढ़ने पर धमाका हुआ और बिल्डिंग का कुछ हिस्सा गिर गया। अमोनिया गैस जहरीली और दम घोंटने वाली होती है, जिससे रेस्क्यू कार्य में अतिरिक्त चुनौतियां आ रही हैं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग घायलों को उठाकर ले जाते दिख रहे हैं, जबकि मलबा और गैस का बादल साफ नजर आ रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ (राज्य आपदा राहत बल), फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अमोनिया गैस के रिसाव के कारण रेस्क्यू टीमों को मास्क और सुरक्षा उपकरणों के साथ काम करना पड़ रहा है। प्रशासन ने आसपास के इलाके को सतर्क किया है और गैस फैलने से रोकने के प्रयास जारी हैं। अभी तक घायलों या मृतकों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
कोल्ड स्टोरेज का स्वामित्व और पृष्ठभूमि
यह कोल्ड स्टोरेज फाफामऊ के चंदापुर में स्थित है और पूर्व विधायक अंसार अहमद का माना जा रहा है। यहां मुख्य रूप से सब्जियां और फल स्टोर किए जाते हैं। हादसे के बाद प्रशासन जांच शुरू कर चुका है कि क्या सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या मशीनरी में खराबी थी। अमोनिया गैस रिसाव से जुड़े ऐसे हादसे पहले भी उत्तर प्रदेश में हो चुके हैं, लेकिन इस बार धमाके से बिल्डिंग ढहने की वजह से जान-माल का बड़ा नुकसान होने की आशंका है।
स्थानीय लोगों में दहशत
घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए हैं। पुलिस और प्रशासन ने राहत शिविर लगाने और प्रभावितों को मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा और कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस हैंडलिंग के मानकों पर फिर से सवाल खड़े कर रहा है।















































