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UP: 1096 दिन बाद घर लौटी बेटी! बांदा पुलिस की मेहनत ने मिलाया बिछड़ा परिवार

UP: बांदा में तीन साल से अधिक समय से लापता महिला की सकुशल बरामदगी ने एक परिवार की खो चुकी उम्मीदों को फिर से जीवित कर दिया। लगभग 1096 दिनों बाद जब महिला अपने घर लौटी तो परिजनों की आंखें खुशी से नम हो गईं। लंबे इंतजार के बाद परिवार में खुशियों का माहौल लौट आया और उन्होंने इस सफलता के लिए पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।

गुमशुदा अभियान के तहत मिली बड़ी सफलता

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे गुमशुदा व्यक्तियों की खोज अभियान के तहत की गई। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज कर रहे थे। थाना बबेरू पुलिस ने लगातार फॉलोअप, तकनीकी जांच और विभिन्न स्तरों पर किए गए प्रयासों के जरिए महिला तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

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2023 में दर्ज हुई थी गुमशुदगी

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 30 जुलाई 2023 को महिला के भाई अशोक ने थाना बबेरू में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने महिला की तलाश के लिए कई स्तरों पर अभियान चलाया। समय बीतने के बावजूद पुलिस ने जांच जारी रखी और संभावित सुरागों पर लगातार काम करती रही।

तकनीकी इनपुट और मुखबिर की सूचना बनी मददगार

जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों, यक्ष ऐप से मिले इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर महत्वपूर्ण सुराग मिले। इन जानकारियों के आधार पर थाना बबेरू पुलिस ने मुरवल बस स्टैंड के पास से महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद महिला को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

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पुलिस टीम की सराहना, परिवार ने जताया आभार

करीब तीन वर्ष बाद बेटी की सकुशल वापसी से परिवार भावुक हो उठा। परिजनों ने पुलिस के धैर्य और निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की मेहनत की बदौलत उनकी उम्मीद आखिरकार पूरी हुई। इस अभियान में प्रभारी निरीक्षक संजय द्विवेदी, उपनिरीक्षक अरविंद कुमार, हेड कांस्टेबल रजनीश पांडेय और महिला कांस्टेबल वंदना सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिले में गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश अभियान के तहत इसे एक उल्लेखनीय सफलता माना जा रहा है।

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