बांदा: गुरुवार की भोर एक परिवार के लिए जिंदगी की सबसे मनहूस सुबह बन गई। चारपाई पर अपनी फुफेरी बहन के साथ गहरी नींद में सो रही 17 वर्षीय निशा को जहरीले सर्प ने डस लिया। किशोरी की चीख सुनकर परिजन दौड़े और आनन-फानन में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
चार बजे सुबह की चीख से मचा हड़कंप
बिसंडा थाना क्षेत्र के पुनाहुर गांव निवासी रामेश्वर की 17 वर्षीय बेटी निशा गुरुवार तड़के करीब चार बजे अपनी फुफेरी बहन के साथ चारपाई पर सो रही थी। इसी दौरान सर्प ने उसकी पीठ में डस लिया। सर्पदंश के बाद निशा की चीख सुनकर घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजन तत्काल निजी वाहन से उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर, इलाज के दौरान मौत
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत नाजुक होने पर निशा को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया। काफी प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान निशा ने दम तोड़ दिया।
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बेटी की मौत से परिवार में मचा कोहराम
निशा की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। जिस बेटी को परिवार के लोग सुबह सुरक्षित जागने की उम्मीद कर रहे थे, उसकी मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया। गांव में भी मातम छा गया।
निशा गांव के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा आठ की छात्रा रही थी। कम उम्र में हुई उसकी दर्दनाक मौत ने ग्रामीणों को भी गमगीन कर दिया।
थाना प्रभारी सीपी तिवारी ने बताया कि किशोरी की मौत सर्प के काटने से हुई है। बरसात के मौसम में सर्पदंश का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों से अपील है कि रात में सोते समय विशेष सावधानी बरतें और सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचाएं।
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