UP: सहारनपुर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद और पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद के पौत्र काजी शायान मसूद ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में शायान मसूद ने अपने समर्थकों के साथ सपा की सदस्यता ग्रहण की।
2027 चुनाव से पहले शायान मसूद की बढ़ी सियासी सक्रियता, बेहट सीट को लेकर चर्चाएं तेज
शायान मसूद के सपा में शामिल होने को सहारनपुर की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में वह इमरान मसूद के समर्थन में सक्रिय रहे थे और चुनाव प्रचार में भी उनकी भूमिका रही थी। इमरान मसूद के चुनाव जीतने के बाद शायान की राजनीतिक सक्रियता और बढ़ गई थी।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि शायान मसूद 2027 के विधानसभा चुनाव में बेहट सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, इमरान मसूद ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि 2027 में उनके परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा। उन्होंने उन कार्यकर्ताओं को मौका देने की बात कही थी, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में उनकी जीत के लिए मेहनत की थी।
इसके बाद शायान की राजनीतिक भूमिका और दोनों परिवारों के बीच दूरी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। शायान पहले इमरान मसूद के अंबाला रोड स्थित कार्यालय पर लोगों की समस्याएं सुनते थे और अधिकारियों से संपर्क कर समाधान कराने का प्रयास करते थे। बाद में कार्यालय में उनकी सक्रियता कम होने और गनर वापस लिए जाने की चर्चा के बाद राजनीतिक अटकलों को और हवा मिली।शायान के सपा में जाने की चर्चाएं जुलाई से ही चल रही थीं। दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान उनकी अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद इन चर्चाओं ने जोर पकड़ा था। अब सपा में शामिल होने के बाद 2027 के चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी में सियासी समीकरणों पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी।
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