UP: बाराबंकी की तहसील रामनगर क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में सोमवार दोपहर अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह से ही बारिश जैसा माहौल बना हुआ था। दोपहर होते-होते देखते ही देखते झमाझम बारिश शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में मूसलाधार बारिश में बदल गई। बारिश शुरू होते ही उमस और भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में खड़ी धान की फसल के लिए बारिश को किसानों ने काफी लाभकारी बताया।
जानिए क्या है पूरा मामला?
किसान मयंक कुमार, ऋषि मिश्रा, नन्हा, कुलदीप और रामनाथ आदि ने बताया कि इस समय धान की फसल खेतों में हरी-भरी खड़ी है और उसे पानी की आवश्यकता थी। बारिश होने से फसल की बढ़वार तेज होगी और धान की बालियां निकलने में भी मदद मिलेगी। किसानों का कहना है कि बारिश से ऊंचे और सामान्य क्षेत्र में लगी धान की फसल को विशेष फायदा होगा। बारिश के बाद खेतों में हरियाली बढ़ने से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। रामनगर क्षेत्र के अमोली कलां, रानी बाजार, रानीगंज, त्रिलोकपुर सहित सैकड़ों ग्राम पंचायतों में बारिश के बाद किसान खुश नजर आए। किसानों के मुताबिक धान की फसल अब पकने की ओर बढ़ रही है। समय पर पानी मिलने से फसल में फूल और बालियां निकलने की प्रक्रिया को फायदा मिलने की उम्मीद है।हालांकि घाघरा नदी के आसपास के तराई क्षेत्रों में किसानों की चिंता भी बढ़ी हुई है। नदी में बाढ़ जैसी स्थिति बनी होने के कारण कई स्थानों पर पानी फैल रहा है। किसानों का कहना है कि यदि बाढ़ का पानी खेतों में जमा रहा और लगातार बारिश होती रही तो धान की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। लंबे समय तक पानी भरा रहने से फसल में रोग लगने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है।
क्षेत्र में सुबह से ही बादल छाए हुए थे और बारिश की संभावना बनी हुई थी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग की ओर से बारिश का अलर्ट जारी किए जाने के बाद सोमवार को इसका असर रामनगर क्षेत्र में भी दिखाई दिया। सामान्य क्षेत्रों के किसानों के लिए बारिश राहत लेकर आई, जबकि तराई और बाढ़ प्रभावित इलाकों के किसानों की निगाहें अब घाघरा नदी के जलस्तर पर टिकी हैं।



















































