UP: इटावा में सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बढ़पुरा विकासखंड के ग्राम विचारपुरा निवासी गरीब महिला उमादेवी पत्नी शिवराज सिंह का अंत्योदय राशन कार्ड कथित तौर पर बिना उचित कारण के काट दिया गया। आरोप है कि राशन कार्ड से नाम हटाने के दौरान उनकी 19 वर्षीय बेटी कीर्ति शाक्य को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्शा दिया गया, जबकि वह पूरी तरह जीवित है और बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है।
मामले से जुड़ी पूरी जानकारी
पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के दबंग प्रधान ने राशन डीलर रणवीर सिंह यादव से कहकर पूरे परिवार का राशन कार्ड कटवा दिया। राशन कार्ड से नाम कटने के बाद परिवार को पिछले करीब तीन महीने से सरकारी राशन नहीं मिल पा रहा है। परिवार का कहना है कि राशन कार्ड बहाल कराने के लिए लगातार जिला पूर्ति कार्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काटने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उमादेवी के पुत्र श्रीकांत शाक्य ने आरोप लगाया कि उनकी मां गरीब हैं और लीवर की बीमारी से भी जूझ रही हैं। ऐसे में राशन बंद होने से परिवार के सामने आर्थिक और खाद्य संकट खड़ा हो गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जीवित युवती को सरकारी रिकॉर्ड में मृत किस आधार पर दर्ज किया गया? किस अधिकारी या कर्मचारी ने इसकी रिपोर्ट लगाई और राशन कार्ड से नाम हटाने से पहले क्या वास्तविक सत्यापन किया गया? यदि बिना जांच के किसी जीवित व्यक्ति को मृत दर्शाया गया है तो यह सरकारी रिकॉर्ड की गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। अब पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि जिला प्रशासन मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करेगा और राशन कार्ड तत्काल बहाल कर परिवार को उसका हक दिलाएगा।
















































