Varanasi: गंगा और वरुणा के बढ़ते जलस्तर के बीच शुक्रवार को काशीवासियों के लिए राहत की खबर सामने आई। पिछले दो दिनों से बारिश नहीं होने के बाद गंगा के जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 70.64 मीटर दर्ज किया गया और पानी करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा था। हालांकि, गंगा अभी भी चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही है।
जानिए मामले से जुड़ी पूरी जानकारी
गुरुवार रात आठ बजे तक गंगा का जलस्तर करीब आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। शुक्रवार सुबह छह बजे पानी स्थिर हुआ और इसके बाद गिरावट दर्ज की गई। अधिकारियों के मुताबिक अपस्ट्रीम में फाफामऊ, प्रयागराज और मिर्जापुर में गंगा का वेग कम होने का असर वाराणसी में भी दिखाई देने लगा है। जलस्तर में कमी के बावजूद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों में ढिलाई नहीं दी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में रह रहे लोगों के बीच जिला प्रशासन की ओर से फल और दूध का वितरण भी किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और मेयर अशोक तिवारी से फोन पर वार्ता कर वाराणसी की बाढ़ स्थिति की जानकारी ली थी। इसके बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी और राहत कार्य तेज कर दिए।जिलाधिकारी के अनुसार अब तक 3361 लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा चुका है। विभिन्न स्थानों पर बनाए गए 19 राहत शिविरों में 481 परिवारों के 2265 सदस्य रह रहे हैं। गुरुवार को ही 330 परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया। मौसम विभाग के अनुसार वाराणसी और आसपास के जिलों में अगले दो दिनों तक हल्की बारिश की संभावना है। ऐसे में प्रशासन गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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