समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने हाल ही में जगद्गुरु रामभद्राचार्य (Jagadguru Rambhadracharya) को लेकर बयान दिया, जिससे राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज एफआईआर में रामभद्राचार्य को जिम्मेदार ठहराया और उन पर साजिश का आरोप लगाया। उनके इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है।
रामभद्राचार्य ने किया पलटवार
इस मामले में अब जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अखिलेश यादव के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया और उन्हें ‘नमाजवादी’ कहकर संबोधित किया। रामभद्राचार्य ने आरोपों को “कोरा भ्रम” बताते हुए साफ कर दिया कि उनके खिलाफ लगाए गए दावे वास्तविकता पर आधारित नहीं हैं।
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बस्ती में राम कथा के दौरान बयान
रामभद्राचार्य यह बयान बस्ती, उत्तर प्रदेश में आयोजित श्री राम कथा कार्यक्रम के दौरान दिए। एबीपी न्यूज़ द्वारा उनसे सवाल किया गया कि अखिलेश यादव ने उन पर आरोप क्यों लगाए, इस पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ये आरोप झूठे हैं और राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं।
अखिलेश यादव के आरोपों की पृष्ठभूमि
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान रामभद्राचार्य पर 420 का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसे बाद में उनकी सरकार ने वापस ले लिया। उन्होंने यह भी कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर एफआईआर दर्ज करवाने के पीछे रामभद्राचार्य और उनके अनुयायी का हाथ है।
मामला यौन शोषण केस से जुड़ा
यादव के आरोप उस प्रयागराज में दर्ज यौन शोषण मामले से जुड़े हैं, जिसमें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगी पर शिकायत दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर यह आरोप लगाया है, जबकि शंकराचार्य ने आशुतोष को ही हिस्ट्रीशीटर बताया। अब राजनीतिक और धार्मिक विवाद मिलकर इस मामले को और अधिक तूल दे रहे हैं।
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