पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, और 27 अप्रैल 2026 को प्रचार का आखिरी दिन है। इसी बीच एक बयान को लेकर सियासत तेज हो गई है, जिसका असर उत्तर प्रदेश तक दिखाई दे रहा है। भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन (Ravi Kishan) के ‘चार मई के बाद चार गुना मछली खाओ’ वाले बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
अखिलेश यादव का तीखा पलटवार
चुनाव जीतने के लिए भाजपाई पाताल के पाताल में भी उतर सकते हैं… भाजपाइयों ने गिरने की सारी हदें तोड़ दी हैं। pic.twitter.com/Eway1mk0TB
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 26, 2026
समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि चुनाव जीतने के लिए भाजपाई पाताल के भी पाताल में जा सकते हैं, और आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने राजनीतिक स्तर की सभी सीमाएं पार कर दी हैं। उन्होंने अपने पोस्ट के साथ रवि किशन का वीडियो भी साझा किया।
क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो में रवि किशन यह कहते नजर आ रहे हैं कि एनडीए-बीजेपी शासित राज्यों से विभिन्न प्रकार की मछलियां लाकर पश्चिम बंगाल के तालाबों, कुओं और पोखरों में डाली जाएंगी। उनका दावा है कि चार मई के बाद लोग पहले से अधिक मछली खा सकेंगे और इस पर किसी प्रकार की रोक नहीं होगी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप भी लगाया।
बंगाल चुनाव में ‘मछली’ बना बड़ा मुद्दा
पश्चिम बंगाल में मछली सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि संस्कृति का अहम हिस्सा है, इसलिए यह चुनावी मुद्दा भी बन गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि Trinamool Congress यह अफवाह फैला रही है कि भाजपा के सत्ता में आने पर मछली-भात पर रोक लग जाएगी। वहीं भाजपा इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए कह रही है कि उनकी सरकार आने पर मछली की उपलब्धता और बढ़ाई जाएगी, ताकि लोगों को अधिक विकल्प मिल सकें।














































