UGC विवाद में साक्षी महाराज का विवादीत बयान,”सवर्ण 10% हैं, SC/ST/OBC 90% हैं; एकजुट हो जाएं तो कोई सवर्ण MLA-MP नहीं बन सकता”

यूजीसी (UGC) के आरक्षण संबंधी ड्राफ्ट गाइडलाइंस पर चल रहे विवाद के बीच भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सवर्ण जातियां केवल 10% हैं, जबकि SC/ST/OBC 90% हैं। अगर ये 90% एकजुट हो जाएं तो कोई ऊपरी जाति का व्यक्ति MLA या MP नहीं बन सकता। यह बयान 25 फरवरी 2026 को उन्नाव में दिया गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विपक्ष ने इसे सामाजिक विभाजन भड़काने वाला बताया, जबकि भाजपा ने इसे व्यक्तिगत मत माना है। साक्षी महाराज का यह बयान UGC विवाद को जातिगत राजनीति से जोड़ रहा है, जहां UGC ने आरक्षण में बदलाव का ड्राफ्ट जारी किया था, जिसे बाद में वापस लिया गया।

साक्षी महाराज का बयान और संदर्भ

साक्षी महाराज ने UGC के विरोध पर बोलते हुए कहा कि अगर 90% SC-OBC एकजुट हो गए तो सवर्ण समाज कभी विधायक, सांसद या मुख्यमंत्री नहीं बन पाएगा। उन्होंने UGC बिल के विरोध को तूल न देने की सलाह दी। यह बयान एक कार्यक्रम के दौरान आया, जहां उन्होंने सवर्ण समाज को चेतावनी देते हुए कहा कि 90% की ताकत से सवर्ण राजनीति में नहीं टिक पाएंगे। साक्षी महाराज खुद पिछड़े वर्ग से हैं और लोध समाज के नेता माने जाते हैं। उनका यह बयान UGC ड्राफ्ट पर सवर्ण समाज की नाराजगी के बीच आया है, जहां ड्राफ्ट में आरक्षण में बदलाव का प्रावधान था।

UGC विवाद की पृष्ठभूमि

UGC ने हाल ही में एक ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी की थी, जिसमें आरक्षण में बदलाव का प्रावधान था। ड्राफ्ट में सवर्णों को 10% आरक्षण के साथ अन्य बदलाव थे, जिसे सवर्ण समाज ने अपने खिलाफ माना। विवाद बढ़ने पर UGC ने ड्राफ्ट वापस ले लिया, लेकिन नाराजगी बनी हुई है। इसी बीच साक्षी महाराज का बयान आया, जिसने विवाद को और हवा दी। उन्होंने कहा कि 90% SC-OBC विरोध करें तो सवर्ण कभी नेता नहीं बन सकता। यह बयान भाजपा के अंदर भी असहजता पैदा कर सकता है, क्योंकि पार्टी सवर्ण वोट बैंक पर निर्भर है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और भाजपा की टेंशन

साक्षी महाराज के बयान ने भाजपा में अंदरूनी असंतोष बढ़ा दिया है। पार्टी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी UGC बिल को गांवों में ‘करंट’ की तरह फैलने वाला मुद्दा बताया। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कानून में बदलाव की गुंजाइश की बात कही। विपक्ष ने इसे भाजपा की जातिगत राजनीति का हिस्सा बताया। कांग्रेस और सपा ने कहा कि भाजपा सवर्णों को ठग रही है। साक्षी महाराज के बयान को देखकर लगता है कि भाजपा में आरक्षण मुद्दे पर एक राय नहीं है।

सोशल मीडिया पर वायरल और जनता की राय

बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स ने साक्षी महाराज को सवर्णों को धमकाने वाला बताया, जबकि कुछ ने इसे सच्चाई माना। एक यूजर ने लिखा कि “सवर्णों को अब आरक्षण की जरूरत नहीं, लेकिन साक्षी महाराज जैसे नेता विभाजन फैला रहे हैं।” दूसरी तरफ, ओबीसी/SC/ST समर्थकों ने इसे सशक्तीकरण का बयान कहा। बयान से जुड़े वीडियो और मीम्स X, Instagram और Facebook पर शेयर हो रहे हैं।

साक्षी महाराज की राजनीतिक पृष्ठभूमि

साक्षी महाराज उन्नाव से भाजपा सांसद हैं और लोध समाज के नेता माने जाते हैं। वे अक्सर विवादास्पद बयान देते रहते हैं। पहले भी जनसंख्या नियंत्रण और अन्य मुद्दों पर उनके बयान चर्चा में रहे हैं। इस बयान से भाजपा की छवि पर असर पड़ सकता है, क्योंकि पार्टी सवर्णों और पिछड़ों दोनों को साधने की कोशिश करती है। साक्षी महाराज ने खुद को पिछड़े वर्ग का हितैषी बताया है।

INPUT-ANANYA MISHRA 

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