NEET-UG 2026 Paper Leak Case: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजेंसी ने महाराष्ट्र के लातूर स्थित चर्चित कोचिंग संस्थान ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ (RCC) पर छापेमारी करते हुए उसके संचालक शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में यह CBI की अब तक की 10वीं बड़ी गिरफ्तारी मानी जा रही है। कार्रवाई के बाद देशभर के कोचिंग संस्थानों में हलचल तेज हो गई है।
11 घंटे की पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के मुताबिक, CBI ने शिवराज मोटेगांवकर को रविवार को पुणे कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था। कई घंटों तक चली पूछताछ के दौरान एजेंसी को उनके बयानों में विरोधाभास मिले। इससे पहले भी शुक्रवार को उनसे करीब 11 घंटे तक पूछताछ की गई थी। जांच एजेंसी को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क से उनका सीधा संबंध हो सकता है, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
मॉक टेस्ट और असली पेपर में सवालों का मेल
CBI की जांच उस समय और तेज हो गई जब यह जानकारी सामने आई कि RCC कोचिंग द्वारा कराए गए मॉक टेस्ट के कई सवाल NEET 2026 के असली प्रश्नपत्र से काफी हद तक मेल खाते थे। जांच एजेंसी को मिली शिकायतों के आधार पर यह संदेह गहराया कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र की जानकारी कुछ लोगों तक पहुंचाई गई थी। इस खुलासे ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
वायरल वीडियो बना जांच का अहम हिस्सा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने भी जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है। वीडियो में RCC संचालक शिवराज मोटेगांवकर छात्रों से यह पूछते दिखाई दे रहे हैं कि मॉक टेस्ट के कितने सवाल असली परीक्षा में आए। छात्रों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया। CBI अब इस वीडियो को महत्वपूर्ण सबूत के रूप में जांच में शामिल कर रही है।
मास्टरमाइंड प्रोफेसर कुलकर्णी से जुड़ रहे तार
जांच में यह भी सामने आया है कि इस कथित पेपर लीक रैकेट का मुख्य आरोपी प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी लातूर का रहने वाला है और उसका संबंध नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से बताया जा रहा है। कुलकर्णी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब CBI यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा परीक्षा की गोपनीय जानकारी किस तरह बाहर पहुंची।












































