प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 12 सालों में भारत ने अपने अंदर की ताकत को पहचाना और खुद को मजबूत किया है। इसी आत्मविश्वास के कारण विकसित देश अब भारत के साथ व्यापार समझौते करने के लिए आगे आ रहे हैं।न्यूज18 राइजिंग भारत समिट’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर भारत अपनी क्षमता नहीं पहचानता और संस्थागत सुधार नहीं करता, तो कोई भी देश उसके साथ व्यापार समझौता करने के लिए तैयार नहीं होता।प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा- कांग्रेस के वोट चोरी नहीं हो रहे हैं, बल्कि देश की जनता अब कांग्रेस को वोट देने लायक नहीं समझती। यह सिलसिला 1984 के बाद शुरू हुआ।पहले तो मिलेनियल्स ने कांग्रेस को सबक सिखाया, और अब GEN-Z भी तैयार है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश में क्षमता अचानक नहीं आती बल्कि यह पीढ़ियों से निर्मित होती है, और ज्ञान, परंपरा, कड़ी मेहनत और अनुभव द्वारा निखरती है. उन्होंने कहा कि इतिहास के लंबे कालखंड में, सदियों की गुलामी ने देश की क्षमता के प्रति हीनता की भावना को भर दिया था, और अन्य देशों से आयातित विचारधारा ने समाज में इस धारणा को गहराई से बैठा दिया था कि भारतीय अशिक्षित और अधीन हैं.
PM ने कहा- कांग्रेस और उसके साथियों ने कभी नेक इरादों से काम नहीं किया। उन्हें गरीबों के दुख-दर्द की कोई परवाह नहीं है। जैसे बंगाल में आज तक आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं हुई है। नेक नीयत होती तो क्या गरीबों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज देने वाली इस योजना को राका जाता। नहीं।प्रधानमंत्री ने कहा- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में गरीबों के लिए पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। तमिलनाडु में गरीब परिवारों को लगभग 950,000 पक्के घर आवंटित किए गए हैं। लेकिन इनमें से 300,000 मकानों का निर्माण रुका हुआ है। क्यों? क्योंकि DMK सरकार गरीबों के लिए ये मकान बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।
INPUT-ANANYA MISHRA
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