गोरखपुर से उठी आवाज अब देशभर के छोटे व्यापारियों के हितों से जुड़ी—संसद में उठाए गए मुद्दे पर केंद्र सरकार का सकारात्मक आश्वासन

नई दिल्ली/गोरखपुर। सांसद रवि किशन शुक्ल ने अवगत कराया कि गोरखपुर क्षेत्र के छोटे एवं खुदरा व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे भेंट कर अपनी समस्याओं एवं चुनौतियों को विस्तार से रखा था। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से ई-कॉमर्स के बढ़ते प्रभाव, असमान प्रतिस्पर्धा तथा पारंपरिक व्यापार पर पड़ रहे दबाव के संबंध में अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं।

सांसद जी ने इन समस्याओं को केवल गोरखपुर तक सीमित न मानते हुए देशभर के छोटे एवं मध्यम व्यापारियों से जुड़ा व्यापक विषय समझा और इसे लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत प्रमुखता से उठाया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आज पूरे देश में छोटे व्यापारी समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, अतः उनके हितों की रक्षा हेतु राष्ट्रीय स्तर पर ठोस नीति आवश्यक है।

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इस संबंध में भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद द्वारा विस्तृत उत्तर प्रेषित किया गया है। सरकार ने अपने उत्तर में छोटे व्यापारियों एवं स्थानीय व्यवसायों के हितों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए बताया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 तथा उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 के माध्यम से ई-कॉमर्स क्षेत्र में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के अंतर्गत अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है, जिससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनी रहे।

एफडीआई नीति के तहत केवल मार्केटप्लेस आधारित मॉडल को अनुमति दी गई है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म सीधे तौर पर व्यापार कर छोटे व्यापारियों के हितों को प्रभावित न करे। इसके अतिरिक्त, ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) जैसी पहल के माध्यम से देशभर के छोटे व्यापारियों, कारीगरों, महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों को डिजिटल बाजार से जोड़कर उन्हें व्यापक अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

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सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि गोरखपुर के व्यापारियों द्वारा उठाई गई यह आवाज अब पूरे देश के छोटे व्यापारियों की आवाज बन चुकी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों से ई-कॉमर्स और पारंपरिक व्यापार के बीच संतुलन स्थापित होगा तथा छोटे व्यापारियों को भी समान अवसर और सुरक्षा प्राप्त होगी।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वे भविष्य में भी देशभर के छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु निरंतर संसद और अन्य मंचों पर प्रभावी रूप से अपनी बात रखते रहेंगे।

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