अमेठी : कस्बा क्षेत्र के गौरीगंज रोड स्थित प्राचीन काली मंदिर पर अवैध कब्जे को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। इसी क्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी और क्षेत्रीय नागरिक कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर मंदिर को कब्जामुक्त कराने की मांग की।
बताया जा रहा है कि सागर तिराहा के पास स्थित यह काली मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। खासकर नवरात्रि के दौरान यहां मेले का आयोजन होता था, जिसमें दूर-दराज से लोग दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते थे। मंदिर का संचालन काली माता मंदिर समिति द्वारा किया जाता है, जिसका पंजीयन भी है।
श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में हो रही परेशानी
आरोप है कि मंदिर के पास रहने वाले कुछ लोगों ने जबरन मंदिर परिसर पर कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, मंदिर परिसर में स्थित हनुमान मंदिर और संतोषी माता मंदिर में ताला भी बंद कर दिया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की गई।
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कई बार प्रशासन से शिकायत, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं
मंदिर समिति और व्यापारियों का कहना है कि इस मामले की शिकायत कई बार प्रशासन से की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे आक्रोशित होकर लोगों ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
मामले की जांच कर जल्द कार्रवाई का मिला आश्वासन
एडीएम अर्पित गुप्ता ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, मंदिर को बचाने के लिए “काली माता मंदिर बचाओ संघर्ष समिति” का गठन भी किया गया है, जिससे आगे आंदोलन तेज होने की संभावना है।
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