कानपुर के एक 11 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। छात्र दिव्यांश की मौत लखनऊ स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल में हुई, जहां उसे हाल ही में दाखिला दिलाया गया था। परिजनों ने गुरुकुल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे हत्या का मामला बताया है।
गुरुकुल में एडमिशन के कुछ दिनों बाद हुई घटना
परिवार के अनुसार, दिव्यांश को 15 अप्रैल को गुरुकुल में भर्ती कराया गया था। पिता नरेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि उन्हें रिश्तेदार के माध्यम से इस संस्थान की जानकारी मिली थी, जहां निःशुल्क वैदिक शिक्षा दी जाती है। परिवार रोजाना बच्चे से संपर्क में था, और घटना से एक दिन पहले तक उसने किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था।
शव को घर के पास छोड़कर फरार हुए गुरुकुल संचालक
बुधवार सुबह परिवार को पहले सूचना मिली कि बच्चा सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गया है। लेकिन कुछ ही देर बाद गुरुकुल संचालक कन्हैया मिश्रा कथित रूप से कार में शव लेकर पहुंचे और घर से थोड़ी दूरी पर छोड़कर फरार हो गए। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
शरीर पर मिले गंभीर चोटों के निशान
परिजनों का दावा है कि दिव्यांश के शरीर पर 40 से अधिक चोटों के निशान थे और कई जगह सिगरेट से जलाने जैसे घाव दिखाई दिए। चाचा जितेंद्र द्विवेदी का कहना है कि बच्चे को बांधकर प्रताड़ित किया गया होगा, क्योंकि उसके हाथ-पैर पर रस्सी के निशान जैसे चिन्ह मिले हैं। बहन दीपिका ने भी बताया कि हाल की बातचीत में दिव्यांश ने किसी बीमारी या परेशानी का जिक्र नहीं किया था।
जांच जारी
पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर परिवार ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच के लिए टीम लखनऊ भेजी गई है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को सहायता देने की मांग की है।
















































