‘शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम में बाबा रामदेव का योग, भारतीय शिक्षा बोर्ड UP कार्यालय का उद्घाटन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को ‘शिक्षा संवाद’ नामक एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध योग गुरु बाबा रामदेव मुख्य रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान भारतीय शिक्षा बोर्ड के उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय का औपचारिक उद्घाटन भी किया गया।

कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बाबा रामदेव के अलावा कई गणमान्य व्यक्तियों ने इस संवाद में भाग लिया और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर अपने विचार रखे।

नई शिक्षा प्रणाली को मिलेगा बढ़ावा

‘शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई शिक्षा नीति (NEP) को प्रभावी ढंग से लागू करना, भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ना और प्रदेश में शिक्षा से जुड़े विभिन्न संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करना रहा।

इस दौरान शिक्षा में गुणवत्ता सुधार, भारतीय मूल्यों पर आधारित पाठ्यक्रम, योग और आयुर्वेद को शिक्षा से जोड़ने तथा डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

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बाबा रामदेव ने दिया महत्वपूर्ण संदेश

बाबा रामदेव ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि वह चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और आत्मनिर्भरता पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा प्रणाली में शामिल करने पर जोर दिया और कहा कि प्राचीन गुरुकुल पद्धति और आधुनिक शिक्षा का समन्वय भारत को विश्व गुरु बनाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

भारतीय शिक्षा बोर्ड UP कार्यालय का उद्घाटन

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में भारतीय शिक्षा बोर्ड के उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन शामिल था। इस नए कार्यालय के माध्यम से प्रदेश में बोर्ड से जुड़ी गतिविधियों को और बेहतर तरीके से संचालित करने और नई शिक्षा नीति को प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

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शिक्षा सुधार पर हुई चर्चा

कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार, नई योजनाओं के क्रियान्वयन, शिक्षक प्रशिक्षण और छात्रों के समग्र विकास पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सभी वक्ताओं ने एकमत से कहा कि शिक्षा को रोजगारपरक और मूल्य-आधारित बनाने की तत्काल जरूरत है।

इस ‘शिक्षा संवाद’ को शिक्षा जगत में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम के सफल आयोजन से शिक्षा नीति को ग्राउंड लेवल पर लागू करने की दिशा में एक मजबूत संदेश गया है।

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