अमृतपुर, फर्रुखाबाद । विकास के दावों की पोल खोलती एक तस्वीर इन दिनों अमृतपुर कस्बे में देखने को मिल रही है, जहां मुख्य सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। हालात इतने खराब हैं कि सड़क पर कीचड़ और गहरे गड्ढों ने इसे राहगीरों के लिए किसी मुसीबत भरे रास्ते में बदल दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यही मार्ग पूर्व ऊर्जा मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी के आवास तक जाता है, बावजूद इसके प्रशासन पूरी तरह मौन बना हुआ है।
वादों की फाइलें भरीं, सड़क खाली पड़ी स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार शिकायत और मांग के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्राम प्रधान सचिन देव तिवारी और जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार सिंह चौहान ने कई बार अधिकारियों से सड़क मरम्मत की गुहार लगाई, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। कागजों में योजनाएं बनती रहीं, मगर जमीन पर कोई काम शुरू नहीं हुआ।
स्कूली बच्चों की राह बनी खतरे की डगर इस जर्जर सड़क से रोजाना गुजरने वाले स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। कीचड़ और गड्ढों से भरे रास्ते पर फिसलकर चोटिल होने का खतरा हर समय बना रहता है। वाहन चालकों के लिए भी यह मार्ग सिरदर्द बन चुका है। आए दिन वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं। हाल ही में एक सरकारी वाहन के फंसने की घटना ने हालात की गंभीरता को और उजागर कर दिया।
विधायक का दौरा भी बेअसर ग्रामीणों के आक्रोश के बाद क्षेत्रीय विधायक सुशील शाक्य ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और जल्द मरम्मत का भरोसा दिया था। लेकिन वक्त बीतने के साथ यह आश्वासन भी अन्य वादों की तरह हवा साबित हुआ। अब तक सड़क निर्माण का कोई काम शुरू नहीं हो सका है।
ग्रामीणों में उबाल, दी चेतावनी लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही सड़क का निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। आने वाले बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो सकती है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित होगा।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान देगा और कब अमृतपुर की इस बदहाल सड़क को राहत मिलेगी। फिलहाल, सड़क की स्थिति विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।











































