लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की वार्षिक तबादला नीति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को पास कर लिया गया। नई तबादला नीति कल यानी 1 मई 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी।
कैबिनेट बैठक में लिया गया बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री आवास पर हुई कैबिनेट बैठक समाप्त होने के बाद सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि सरकारी कर्मचारियों की वार्षिक तबादला नीति को मंजूरी मिल गई है। इस नीति के तहत अब विभागाध्यक्ष और संबंधित मंत्री मिलकर तबादलों का फैसला कर सकेंगे।
नई तबादला नीति के मुख्य प्रावधान
– अधिकतम 10% तबादला : प्रत्येक विभाग में कुल स्वीकृत पदों (Sanctioned Strength) का अधिकतम 10 प्रतिशत तबादला किया जा सकेगा।
– विभागाध्यक्ष व मंत्री को अधिकार : तबादले की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए विभागाध्यक्ष को पर्याप्त अधिकार दिए गए हैं।
– कल से लागू : नई नीति 1 मई 2026 से पूरे उत्तर प्रदेश में लागू हो जाएगी।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि नई तबादला नीति कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन, जरूरत और सुविधा के अनुसार स्थानांतरण सुनिश्चित करेगी। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और कर्मचारियों की समस्याओं का भी समाधान होगा।
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कैबिनेट बैठक के अन्य फैसले
कैबिनेट बैठक में तबादला नीति के अलावा कुछ अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगी, हालांकि मुख्य फोकस तबादला नीति पर ही रहा। बैठक के बाद अधिकारियों को नई नीति को तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
कर्मचारियों में उत्साह
नई तबादला नीति को लेकर सरकारी कर्मचारियों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। कई कर्मचारी लंबे समय से अपने गृह जनपद या पसंदीदा स्थान पर तबादले का इंतजार कर रहे थे। नई नीति के लागू होने के बाद ऐसे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार का दावा है कि यह नीति पूरी तरह पारदर्शी और जरूरत आधारित होगी, जिससे भ्रष्टाचार और पक्षपात की गुंजाइश कम होगी।











































