NCRB Report: UP अपराध दर में 18वं स्थान पर, हत्या, बलात्कार और डकैती के मामलों में भी गिरावट

NCRB Report: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वर्ष 2024 की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को अपराध दर के मामले में देश में 18वां स्थान मिला है। देश की कुल आबादी में लगभग 17 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले इस राज्य में अपराध दर राष्ट्रीय औसत से नीचे दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार देशभर में कुल 35.44 लाख मामले दर्ज हुए, जिनमें उत्तर प्रदेश में 4.30 लाख मुकदमे शामिल रहे। राष्ट्रीय अपराध दर 252.3 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह 180.2 दर्ज की गई। वहीं, दिल्ली में अपराध दर सबसे अधिक 1258.5 रही।

हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में अपेक्षाकृत कम दर

रिपोर्ट के मुताबिक हत्या के मामलों में उत्तर प्रदेश 29वें स्थान पर रहा। राज्य में 1.3 की दर से 3,218 हत्या के मुकदमे दर्ज हुए, जबकि राष्ट्रीय औसत 1.9 रहा। झारखंड हत्या के मामलों में सबसे ऊपर रहा। महिलाओं से जुड़े अपराधों में भी उत्तर प्रदेश की स्थिति राष्ट्रीय औसत से बेहतर रही। देशभर में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की दर 64.6 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह 58 दर्ज की गई। राज्य में ऐसे कुल 66,398 मामले दर्ज हुए और इसे इस श्रेणी में 17वां स्थान मिला।

बलात्कार, बलवा और डकैती के मामलों में भी गिरावट

बलात्कार के मामलों में उत्तर प्रदेश 24वें स्थान पर रहा। राज्य में 2.8 की दर से 3,209 मामले दर्ज हुए, जबकि राष्ट्रीय दर 4.3 रही। चंडीगढ़ इस श्रेणी में सबसे ऊपर रहा। बलवा के मामलों में भी उत्तर प्रदेश की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही, जहां 1.1 की दर से 2,610 मुकदमे दर्ज हुए। सबसे उल्लेखनीय आंकड़ा डकैती के मामलों में सामने आया, जहां उत्तर प्रदेश देश में सबसे कम घटनाओं वाले राज्यों में शामिल रहा। पूरे साल में केवल 57 डकैती की घटनाएं दर्ज हुईं और राज्य 36वें स्थान पर रहा।

बच्चों और साइबर अपराध के मामलों में क्या कहती है रिपोर्ट?

बच्चों के खिलाफ अपराधों में उत्तर प्रदेश 27वें स्थान पर रहा। राज्य में 26 की दर से 22,222 मामले दर्ज किए गए, जबकि राष्ट्रीय औसत 42.3 रहा। दिल्ली में बच्चों से जुड़े अपराधों की दर सबसे अधिक दर्ज की गई। साइबर अपराध के मामलों में भी उत्तर प्रदेश की दर राष्ट्रीय औसत से कम रही। देशभर में साइबर अपराध दर 7.3 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह 4.6 दर्ज की गई। इस श्रेणी में तेलंगाना सबसे ऊपर रहा।

डीजीपी बोले- अपराध दर में कमी सरकार की नीति का परिणाम

उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने एनसीआरबी रिपोर्ट को राज्य में कानून-व्यवस्था सुधार का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के कारण अपराध नियंत्रण में सकारात्मक परिणाम मिले हैं। डीजीपी ने आधुनिक पुलिसिंग, एंटी-रोमियो स्क्वॉड, महिला हेल्प डेस्क, फास्ट ट्रैक कोर्ट और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई को इसके पीछे की मुख्य वजह बताया। उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन और डिजिटल शिकायतों को भी गंभीरता से लेकर आवश्यक मामलों में एफआईआर दर्ज की जा रही है, जो पुलिस व्यवस्था की पारदर्शिता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।

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