चंदौली : सदर तहसील चंदौली में आयोजित तहसील दिवस के दौरान शनिवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब अधिवक्ताओं और लेखपालों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और हाथापाई की नौबत आ गई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से तहसील परिसर में अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और फरियादी भी कुछ देर के लिए सन्न रह गए।
बताया जा रहा है कि अधिवक्ताओं ने लेखपालों पर तहसील परिसर में नियमित रूप से उपस्थित न रहने तथा फरियादियों से धन उगाही करने का आरोप लगाया। अधिवक्ताओं का कहना था कि आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार तहसील का चक्कर काटने को मजबूर है, लेकिन संबंधित लेखपाल समय पर उपलब्ध नहीं रहते, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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विवाद बढ़ता देख अधिकारियों ने तत्काल मोर्चा संभाला और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक चली समझाइश और बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद तहसील परिसर में स्थिति सामान्य हो सकी।
इस पूरे मामले पर सदर एसडीएम विजय द्विवेदी ने कहा कि फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने लेखपालों को निर्देश दिया है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन तहसील परिसर में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और आम जनता की शिकायतों को सुनकर उनका निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
विजय द्विवेदी, एसडीएम सदर चंदौली ने बताया कि तहसील दिवस के दौरान अधिवक्ताओं द्वारा कुछ समस्याएं उठाई गई थीं। लेखपालों की उपस्थिति और फरियादियों की शिकायतों को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सभी लेखपालों को सप्ताह में एक दिन तहसील परिसर में उपस्थित रहकर जनता की समस्याएं सुनने के लिए कहा गया है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
वीरेंद्र सिंह, अध्यक्ष सिविल बार एसोसिएशन ने बताया कि फरियादी लगातार तहसील के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कई लेखपाल समय पर नहीं मिलते। लोगों से अवैध धन उगाही की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। अधिवक्ताओं ने जनता की समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है। प्रशासन को व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।









































