बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से न्याय की एक बड़ी खबर सामने आई है। करीब 4 साल पहले पुरानी रंजिश में एक व्यक्ति की लाठी-डंडे से पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के सभी 7 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
आपको बता दे कि यह वारदात 30 अप्रैल 2020 को थाना पकड़ी के टंडवा गांव में हुई थी। वादी के पिता जब सुबह खेत से घर लौट रहे थे तभी गांव के ही कुछ लोगों ने पुरानी दुश्मनी को लेकर उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने एक राय होकर गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडे से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में उन्हें गंभीर चोटे आई और इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और डीजीसी संजीव सिंह ने अदालत में इस केस की प्रभावी पैरवी की। गवाहों और सबूत को इस तरह पेश किया गया कि आरोपी बच नहीं सके। नतीजा यह रहा की 15 मई 2026 को न्यायालय ने सातों आरोपियों को दोषी पाते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया।
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अदालत में प्रत्येक दोषी पर ₹1,51,000 का अर्थ दंड लगाया है। धारा 302 / 34 में आजीवन कारावास और 50000 जुर्माना। धारा 325 व 506 में 5 साल की जेल और 25-25 हजार रुपये का जुर्माना। वही अन्य धाराओं मारपीट, बलवा और धमकी देने के मामले में भी अलग-अलग कारावास और जमाने की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि दोषी अर्थ दंड की राशि जमा नहीं करते हैं तो उन्हें 3 साल से लेकर 3 महीने तक की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
अदालत में जिन सात लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है, उनमें अजय तिवारी, आलोक तिवारी, अभय तिवारी, उदय नारायण तिवारी, मनीष तिवारी, अमित तिवारी और सुभाष जायसवाल शामिल है। ये सभी टंडवा गांव थाना पकड़ी के रहने वाले है।











































