प्रयागराज : प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र अंतर्गत बलुआ गांव में टोंस नदी में शनिवार शाम नहाते समय चार लोगों की डूबने की घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। दो 12 वर्षीय बालकों समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बालक को स्थानीय मछुआरों ने हिम्मत दिखाते हुए बचा लिया। सभी पीड़ित नैनी के अवंतिका कॉलोनी के निवासी थे।
घटना का विवरण
शनिवार शाम को नैनी के अवंतिका कॉलोनी निवासी रामराज यादव का 12 वर्षीय पुत्र शनि, प्रदीप गुप्ता का 12 वर्षीय पुत्र पीयूष, योगेंद्र प्रताप का 12 वर्षीय पुत्र आयुष और 35 वर्षीय आदित्य श्रीवास्तव टोंस नदी के बलुआ घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। गर्मी से राहत पाने के लिए चारों नदी में उतरे, लेकिन अचानक शनि गहरे पानी में चला गया।
बचाव के प्रयास में तीनों डूबे
शनि को डूबता देखकर उसके दोस्त पीयूष और आयुष तुरंत उसकी मदद के लिए आगे बढ़े। लेकिन तेज धारा और गहराई के कारण वे भी डूबने लगे। 35 वर्षीय आदित्य श्रीवास्तव ने तीनों बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह खुद भी पानी में समा गया। घाट पर मौजूद अन्य लोगों ने चीख-पुकार मचाते हुए मदद के लिए आवाजें लगानी शुरू कर दीं।
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मछुआरों का साहसिक बचाव
घटना स्थल से कुछ दूरी पर मछली पकड़ रहे मछुआरों ने लोगों की चीखें सुनीं। बिना समय गंवाए वे नदी में कूद पड़े। मछुआरों की त्वरित कार्रवाई से पीयूष को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन शनि, आयुष और आदित्य तब तक काफी देर पानी में रह चुके थे। जब उन्हें बाहर निकाला गया, तो तीनों की मौत हो चुकी थी।
पुलिस की कार्रवाई और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
मौके पर पहुंची मेजा पुलिस ने घायल पीयूष को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। बच्चों की लाश देखकर माताएं-पिताएं और अन्य स्वजन फफक-फफक कर रो पड़े। पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद बलुआ घाट पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि टोंस नदी के इस हिस्से में कई जगह गहरे गड्ढे हैं और अक्सर स्नान करने वालों को खतरा होता है। उन्होंने प्रशासन से घाट पर बैरिकेडिंग, वॉर्निंग बोर्ड और लाइफ सेविंग उपकरण लगाने की मांग की है।
आगे की जांच
मेजा पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या घाट पर कोई सुरक्षा व्यवस्था थी या नहीं। इस घटना ने एक बार फिर नदियों में बिना सुरक्षा के नहाने के खतरों की याद दिला दी है।
परिजनों ने मृतकों के शवों को अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी है। इस हादसे में तीन मासूमों और एक युवक की असामयिक मौत ने पूरे इलाके को गहरे दुख में डुबो दिया है।









































