नई दिल्ली/अयोध्या। भारतीय रेलवे बोर्ड ने देशभर के सभी जोनों को ब्रिटिश काल के प्रतीकों और प्रथाओं को पूरी तरह समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या क्षेत्र में यह प्रक्रिया तेज हो गई है। फैजाबाद जंक्शन को अयोध्या कैंट जंक्शन नाम देकर स्टेशन के पुराने स्वरूप को बदलने का काम चल रहा है।
ब्रिटिश काल के प्रतीकों पर सख्ती
रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद अब सभी जोन ब्रिटिश-era के नाम, चिह्न, फर्नीचर और अन्य प्रतीकों को हटाने की प्रक्रिया में जुट गए हैं। अयोध्या की पौराणिक पहचान को सहेजने की दिशा में केंद्र सरकार और रेलवे बोर्ड सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
अयोध्या कैंट जंक्शन का इतिहास
पूर्व रेलवे अभियंता एसआरआर रिजवी के अनुसार, ब्रिटिश काल की रेल व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण प्रमाण फैजाबाद जंक्शन (अब अयोध्या कैंट) है। इसका निर्माण 140 वर्ष पहले वर्ष 1880 से 1885 के बीच हुआ था। उस समय अन्य छोटे स्टेशन नहीं हुआ करते थे।
नाम परिवर्तन और कायाकल्प
9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के राम जन्मभूमि फैसले के बाद वर्ष 2021 में अयोध्या कैंट जंक्शन का नाम बदल दिया गया। अब इस स्टेशन को भव्य स्वरूप देने की योजना चल रही है। स्टेशन को अयोध्या धाम जंक्शन की तर्ज पर मंदिर शैली में विकसित किया जाएगा।
400 करोड़ की भव्य योजना
अयोध्या कैंट जंक्शन के विस्तार और कायाकल्प के लिए करीब 400 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। स्टेशन के पुराने फर्नीचर, पंखे और अन्य सामान को पहले ही बदल दिया गया है। प्लेटफार्म और भवन को पूरी तरह नया रूप दिया जा रहा है।
आस-पास के स्टेशनों पर भी कार्य
अयोध्या कैंट जंक्शन के साथ ही आस-पास के अन्य स्टेशनों का भी कायाकल्प चल रहा है:
– रुदौली — कायाकल्प कार्य पूरा
– सोहावल — स्टेशन भवन का स्वरूप बदला गया
– गोसाईंगंज — कार्य तेजी से चल रहा है
ये सभी स्टेशन अब आधुनिक व सांस्कृतिक रूप से अयोध्या की गरिमा के अनुरूप बनाए जा रहे हैं।
सांस्कृतिक महत्व
रेलवे के इस अभियान को अयोध्या की प्राचीन पहचान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ब्रिटिश काल के अवशेषों को हटाकर स्टेशनों को भारतीय वास्तुकला और रामायण काल की भावना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
रेलवे बोर्ड का यह निर्देश पूरे देश में लागू हो रहा है, लेकिन अयोध्या क्षेत्र में इसकी प्राथमिकता सबसे अधिक है।










































