जुड़वा बेटियों की हत्या के आरोपी शशिरंजन मिश्रा ने जेल में की आत्महत्या की कोशिश, थाली घिसकर काटी गर्दन

कानपुर। नौबस्ता थाना क्षेत्र के किदवईनगर में अपनी 11 वर्षीय जुड़वा बेटियों की क्रूर हत्या के आरोपी दवा प्रतिनिधि शशिरंजन मिश्रा ने रविवार दोपहर जेल में आत्महत्या का प्रयास किया। उसने खाने की थाली को घिसकर धारदार बनाया और अपनी गर्दन काट ली। जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। तुरंत अस्पताल पहुंचाए गए शशिरंजन की हालत अब खतरे से बाहर है।

जेल में आत्महत्या का प्रयास

रविवार दोपहर भोजन के बाद शशिरंजन मिश्रा ने अपनी थाली को घिस-घिसकर धारदार हथियार में बदल लिया। इसके बाद उसने अपनी गर्दन पर वार कर लिया। बंदियों के शोर मचाने पर जेल कर्मी पहुंचे और उसे प्राथमिक उपचार देकर तुरंत उर्सुला अस्पताल भेज दिया गया। अस्पताल में उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। शाम तक उसे जेल वापस लाया जाएगा।

जेल अधीक्षक का बयान

जेल अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं कि बंदी को थाली कैसे मिली और उसने उसे हथियार में कैसे बदला। सुरक्षाकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

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आरोपी का दावा- अवसाद में हूं, इलाज नहीं हो रहा

अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा पूछताछ के दौरान शशिरंजन मिश्रा ने कहा कि वह गहरे अवसाद में चल रहा है और उसका कोई इलाज नहीं हो रहा है। उसने शुरू में यह भी कहा कि उसके साथ बंदियों ने हमला किया है। बाद में वह बड़बड़ाने लगा और कई लोगों से पैसा लेने की बात करने लगा।

जुड़वा बेटियों की क्रूर हत्या का मामला

19 अप्रैल 2025 को किदवईनगर के त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में शशिरंजन मिश्रा ने अपनी 11 वर्षीय जुड़वा बेटियों रिद्धि और सिद्धि का गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद चापड़ गले में रखकर हथौड़े से वार किए। वारदात के बाद खुद आरोपी ने पुलिस को सूचना दी थी।

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आरोपी की पृष्ठभूमि

शशिरंजन मिश्रा मूल रूप से बिहार के गया का रहने वाला है। वह चंडीगढ़ की एक दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव था। बाद में उसने नौकरी छोड़कर दवाइयों की सप्लाई का काम शुरू कर दिया था। वर्ष 2014 में उसने बंगाल के सिलीगुड़ी की रहने वाली रेशमा छेत्री से प्रेम विवाह किया था। दोनों की मुलाकात स्वरूप नगर के एक यूनिसेक्स सैलून में हुई थी।

दंपति के तीन बच्चे हैं — जुड़वा बेटियां रिद्धि व सिद्धि (11 वर्ष) और छोटा बेटा रुद्रव उर्फ गुन्नू (यूकेजी)। परिवार पिछले आठ साल से कानपुर के त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में रह रहा था।

यह घटना पूरे कानपुर में सनसनी फैलाए हुए है। जेल प्रशासन अब सुरक्षा व्यवस्था पर सख्ती बरतने की तैयारी में है। पुलिस और जेल विभाग दोनों स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं।

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