बलिया, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को विकास भवन में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा की और सभी विभागों को समय रहते व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि तहसील बैरिया और बलिया सदर क्षेत्र में गंगा नदी तथा बेल्थरारोड क्षेत्र में घाघरा नदी से बाढ़ आने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए पंचायती राज विभाग और मुख्य पशु चिकित्सा विभाग को पिछले वर्ष के अनुभव के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित सभी ग्राम पंचायतों में जाकर ग्रामीणों के साथ बैठक करें और गांवों को रेड जोन, येलो जोन तथा ग्रीन जोन में चिह्नित कर सूची तैयार करें। रेड जोन और येलो जोन में बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी, जहां राजस्व, सिंचाई, ग्राम पंचायत, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई जाएगी। डीएम ने निर्देश दिया कि रेड जोन में नावों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जबकि अन्य गांवों में बड़ी नावें तैनात रहेंगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो गोताखोरों की व्यवस्था भी की जाएगी।
कटान प्रभावित क्षेत्रों की सूचना लेखपाल उपलब्ध कराएंगे और उसकी अलग सूची तैयार होगी।उन्होंने कहा कि रेड जोन में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं तथा प्रत्येक बाढ़ चौकी पर एक मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो। इन नंबरों की जानकारी गांव-गांव जाकर लोगों तक पहुंचाई जाए। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए कि रेड जोन में निःशुल्क दवाओं, मेडिकल कैंप और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती पहले से सुनिश्चित कर ली जाए।वहीं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के लिए भूसा, हरा चारा और पशुओं को इलाज हेतु टीमों की व्यवस्था करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी पंचायत भवनों पर कंट्रोल रूम और मोबाइल नंबर लिखवाए जाएं। लेखपालों को बाढ़ प्रभावित गांवों का नियमित दौरा कर स्थिति की जानकारी लेने को कहा गया।
लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत और ग्रीन फील्ड व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को कमजोर खंभों और जर्जर तारों की तत्काल मरम्मत कर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन व्यवस्था की पूर्व योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
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डीएम ने कहा कि कहां भोजन बनेगा और किस प्रकार पीड़ितों तक पहुंचाया जाएगा, इसकी पूरी रणनीति पहले से तैयार होनी चाहिए। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि बाढ़ से डूबने वाले गांवों की सूची, नाव संचालन के स्थान, कंट्रोल रूम, मेडिकल कैंप और राहत केंद्रों के स्थान पहले से चिह्नित कर लिए जाएं।कंट्रोल रूम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, लेखपाल, सफाई कर्मचारी, ग्राम प्रधान और एएनएम की ड्यूटी लगाए जाने हेतु सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित गांवों में छोटे बच्चों को चिन्हित करने और सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों को एक बड़ी नाव खरीदने के निर्देश भी दिए। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, एडीएम अनिल कुमार, समस्त एसडीएम एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।










































