समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi) के सड़क पर नमाज को लेकर दिए गए बयान पर पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर क्या होना चाहिए और क्या नहीं, इसके लिए पहले से नियम और कानून मौजूद हैं, लेकिन इस तरह के मुद्दों का राजनीतिक फायदा उठाना उचित नहीं है। अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि कोई सबसे ‘अधर्मी’ पार्टी है तो वह भाजपा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा सभी धर्मों और समुदायों को साथ लेकर चलने की राजनीति करती है।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना अपनाए भाजपा
अखिलेश यादव ने हाल ही में अधिवक्ता संघ के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के हाथों में रामचरितमानस थी, इसके बावजूद उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भाजपा खुद को सनातन धर्म की समर्थक बताती है, तो उसे ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के अनुसार काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में सौहार्द और संवाद बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि धार्मिक मुद्दों को लेकर तनाव पैदा करना।
सरकार के कामकाज पर भी उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने प्रदेश सरकार की योजनाओं पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि न तो स्मार्ट सिटी परियोजना सफल हो सकी और न ही स्मार्ट मीटर योजना टिक पाई। उनके मुताबिक कई योजनाएं शुरू तो की गईं, लेकिन बाद में उन्हें वापस लेना पड़ा, जिससे सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते हैं।
सड़क पर नमाज को लेकर क्या बोले थे योगी आदित्यनाथ?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 मई को एक कार्यक्रम में कहा था कि उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़कें आम लोगों के आवागमन के लिए होती हैं और किसी को भी सार्वजनिक रास्तों को बाधित करने का अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नमाज अदा करने के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध हैं और लोगों को वहीं इबादत करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी जगह पर भीड़ अधिक हो तो लोग अलग-अलग शिफ्ट में नमाज पढ़ सकते हैं।
नियमों का पालन जरूरी, सख्ती के भी संकेत
योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि सरकार नमाज का विरोध नहीं कर रही, लेकिन सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक आयोजन कर यातायात बाधित करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी को नियमों का पालन करना होगा। मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोग समझाने से नहीं मानेंगे, तो सरकार सख्ती से कार्रवाई भी करेगी। उन्होंने बरेली की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार व्यवस्था को कानून और सिस्टम के दायरे में बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।











































