रायबरेली : जनपद में मौसम के बदले मिजाज और उमस भरी भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को पूरी तरह से बेहाल कर दिया है. सुबह की शुरुआत होते ही तीखी धूप लोगों को झुलसाने लग रही है. दोपहर होते-होते स्थिति और भी विकराल हो जाती है. आलम यह है कि इस कड़कड़ाती धूप और भारी उमस के आगे अब घरों और कार्यालयों में चल रहे कूलर और पंखे भी पूरी तरह बेअसर साबित हो रहे हैं. कमरों के भीतर से आ रही गर्म हवाओं के कारण लोगों को कहीं भी चैन नहीं मिल रहा है.
बढ़ते पारे और हवा में थमी रफ्तार के कारण लोग दिनभर पसीने से तरबतर होने को मजबूर हैं. हवा में बढ़ी अत्यधिक चिपचिपाहट (आर्द्रता) के कारण स्थिति ऐसी हो गई है कि लोगों का घरों के भीतर बैठना भी दूभर हो गया है. उमस की वजह से लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं, जिससे दोपहर के समय बाजारों और मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है. बहुत जरूरी होने पर ही लोग पूरे बदन को ढककर बाहर निकल रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि बीते शुक्रवार की दोपहर हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से कुछ समय के लिए राहत जरूर दी थी. बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी और मौसम सुहाना हो गया था, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली थी. लेकिन इस बारिश से पैदा हुई नमी ने शनिवार को दोगुनी मुसीबत खड़ी कर दी. शनिवार सुबह होते ही मौसम ने फिर करवट बदल ली. सूर्यदेव के तेवर तल्ख हो गए और दिन चढ़ने के साथ ही तेज धूप व उमस का प्रकोप एक बार फिर चरम पर पहुंच गया. बारिश के बाद की बची नमी ने वातावरण में चिपचिपाहट को और बढ़ा दिया है, जिससे लोग बेहाल हैं.
मौसम के इस उतार-चढ़ाव और अत्यधिक उमस के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और त्वचा से संबंधित मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है. चिकित्सकों ने इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. धूप में निकलते समय ओआरएस (ORS) या नींबू-पानी का सेवन लगातार करते रहें. बासी भोजन से पूरी तरह परहेज करें. तेज धूप से सीधे संपर्क में आने से बचें और सूती कपड़े पहनें.
वहीं दूसरी ओर, इस भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण और शहरी इलाकों में हो रही अघोषित बिजली कटौती ने कोढ़ में खाज का काम किया है. कूलर-पंखे बंद होने से लोग रतजगा करने को मजबूर हैं. मौसम विभाग के अनुसार, जब तक क्षेत्र में दोबारा भारी मानसूनी बारिश नहीं होती, तब तक उमस का यह सिलसिला इसी तरह जारी रह सकता है.










































