गोरखपुर। उगते सूरज की सुनहरी किरणों, रामगढ़ ताल की शांत लहरों और हरियाली के बीच शनिवार की सुबह योगमय हो उठी। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में ‘Yoga with Nature’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व तैयारी में आयोजित इस द्विसाप्ताहिक योग श्रृंखला ने प्रकृति और योग के सामंजस्य का सुंदर संदेश दिया।
रामगढ़ ताल पर हुआ गरिमामय योग सत्र
रामगढ़ ताल स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के सामने जेट्टी नंबर-5 पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिकों ने बड़े उत्साह से भाग लिया। प्रकृति की गोद में सामूहिक योगाभ्यास ने सभी को शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन का अनुभव कराया।
योग केवल व्यायाम नहीं, जीवनशैली है
योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि योग सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के समन्वय की एक समग्र जीवनशैली है। शांत जलराशि, शीतल हवा और सूर्य की ऊर्जा के बीच योगाभ्यास ने प्रतिभागियों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन का संदेश
मा. कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा, “योग भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। प्रकृति के सान्निध्य में किया गया योग मन, शरीर और पर्यावरण के बीच गहरा सामंजस्य स्थापित करता है। स्वस्थ, जागरूक और संतुलित समाज के निर्माण के लिए योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाना आवश्यक है। विश्वविद्यालय योग को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियां
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. कुशलनाथ मिश्रा रहे। इस अवसर पर डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. सुनीता मुर्मू, प्रो. विनीता पाठक, प्रो. अमोद राय, डॉ. के. सुनीता, डॉ. दुर्गेश पाल सहित विश्वविद्यालय के कई शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
प्रतिभागियों ने लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय द्वारा योग को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। ‘Yoga with Nature’ ने रामगढ़ ताल के प्राकृतिक वातावरण को योग की ऊर्जा से भर दिया और स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन जीने का सुंदर संदेश पूरे गोरखपुर तक पहुंचाया।














































