बांदा के स्कूलों के बाहर रोज लगता है जाम, डीएम-एसपी, ट्रैफिक पुलिस और स्कूल प्रबंधन पर गंभीर सवाल

बांदा: शहर के स्कूलों के बाहर रोज-रोज लगने वाला जाम अब सिर्फ ट्रैफिक की समस्या नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा पर मंडराता बड़ा खतरा बन गया है। सेंट मेरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर वर्षों से लग रहे भीषण जाम के खिलाफ आखिरकार लोगों का सब्र टूट गया और मामला स्थायी लोक अदालत तक पहुंच गया।

पांच नागरिकों ने शिकायत वाद दाखिल कर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, यातायात पुलिस, शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग और स्कूल प्रबंधन को पक्षकार बनाया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो ट्रैफिक व्यवस्था सुधारी गई और न ही स्कूल के बाहर वाहनों के लिए कोई प्रभावी प्रबंधन किया गया।

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जाम बना मारपीट की वजह

शुक्रवार को स्कूल की छुट्टी के समय जाम में फंसे दो परिवारों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ी कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि समय पर ट्रैफिक नियंत्रण होता तो यह नौबत नहीं आती।

बारिश में जाम में फंसे बच्चे, बिगड़ी थी तबीयत

वाद में 21 जून 2026 की उस घटना का भी जिक्र किया गया है, जब बारिश के दौरान घंटों जाम में फंसे कई बच्चों की तबीयत खराब हो गई थी। आरोप है कि इसके बाद भी जिम्मेदार विभागों ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला।

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सिर्फ एक स्कूल नहीं, पूरे शहर की समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि सेंट मेरी ही नहीं, शहर के कई बड़े स्कूलों के बाहर छुट्टी के समय सड़कें पार्किंग स्थल बन जाती हैं। नतीजा यह होता है कि रोज जाम, अफरातफरी और हर दिन हादसे का खतरा बना रहता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रशासन और पुलिस को वर्षों से इस समस्या की जानकारी है, तो आखिर स्थायी ट्रैफिक प्लान अब तक क्यों नहीं बना? मामला अब स्थायी लोक अदालत में पहुंच चुका है और शहरवासियों की नजरें जिला प्रशासन व संबंधित विभागों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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