Varanasi: लगातार हो रही बारिश के बीच शहर में जलजमाव ने मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा दिया है। शहर के कई वार्डों और मोहल्लों में पानी जमा होने से मच्छरों के लार्वा पनप रहे हैं। मलेरिया विभाग के अनुसार अब तक जिले में डेंगू के 47, मलेरिया के सात और चिकनगुनिया के चार मरीज सामने आ चुके हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए मलेरिया विभाग ने नगर निगम को पत्र भेजकर एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग और विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
जिला मलेरिया अधिकारी शरत चंद्र पांडे के अनुसार एडीज और एनोफिलीज मच्छरों का लार्वा घरों में रखे कूलर, गमलों, पुराने टायर, बाल्टियों और खुले बर्तनों में जमा पानी में तेजी से पनप रहा है। बारिश के कारण कई स्थानों पर जलजमाव होने से स्थिति और गंभीर हो रही है। विभाग ने नगर निगम से प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराने के साथ सफाई व्यवस्था बेहतर करने को कहा है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल परिसर स्थित डॉक्टर्स कॉलोनी में भी बारिश का पानी कई दिनों से जमा है। सड़क से लेकर आवासों तक पानी भरा होने के कारण स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलजमाव से दुर्गंध के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। इससे कॉलोनी में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। सीएमओ डॉ. एनपी सिंह ने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कूलर का पानी हर सप्ताह बदलें और पानी रखने वाले बर्तनों को ढककर रखें। पुराने टायर, खाली डिब्बे, गमलों और अन्य सामान में पानी जमा हो तो उसे तत्काल साफ करें। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने और शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। सीएमओ ने कहा कि बुखार, सिरदर्द, जोड़ों या शरीर में दर्द जैसे लक्षण होने पर लापरवाही न बरतें। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में जांच कराकर चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार लें।














