गोंडा में 80 घंटे से बिजली ठप! आंधी से पोल-तार टूटे, पानी को तरसे ग्रामीण

गोंडा: हलधरमऊ विकासखंड के ग्रामीण इलाकों में पिछले करीब 80 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित है। दो दिन पहले आए तेज आंधी-तूफान के कारण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा। कई ग्राम पंचायतों में बिजली के पोल टूटकर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि पेड़ गिरने से कई स्थानों पर विद्युत तार भी टूट गए।

तीन दिन से अंधेरे में ग्रामीण

आंधी के बाद से कई गांवों में बिजली पूरी तरह बंद है। लगातार तीन दिनों से आपूर्ति नहीं होने के कारण ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। घरों में लगे पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद पड़े हैं। वहीं, बिजली आधारित पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।

Also Read: हमीरपुर में आंधी-तूफान का कहर, निर्माणाधीन ब्रिज का स्लैब गिरा; मलबे में दबकर 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत

मोबाइल चार्जिंग से लेकर पानी तक की समस्या

ग्रामीणों के मुताबिक, लंबे समय से बिजली नहीं आने के कारण जरूरी कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। मोबाइल फोन चार्ज करने तक के लिए लोगों को दूसरे स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को भी बिजली संकट के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

क्षतिग्रस्त पोल-तार की मरम्मत में जुटी टीमें

विद्युत विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का आकलन करने के साथ मरम्मत कार्य में जुटी हैं। कर्मचारियों द्वारा क्षतिग्रस्त पोल, टूटे तार और अन्य विद्युत उपकरणों को दुरुस्त किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि आंधी-तूफान से हुए नुकसान को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

Also Read: Barabanki में घाघरा का रौद्र रूप, लाल निशान से 54 सेमी ऊपर पहुंचा जलस्तर, तराई गांवों में बाढ़ का खतरा

जल्द आपूर्ति बहाल करने का दावा

विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल करने का काम तेजी से चल रहा है। क्षतिग्रस्त विद्युत ढांचे की मरम्मत पूरी होते ही आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, करीब 80 घंटे से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों को अब भी आपूर्ति बहाल होने का इंतजार है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)