उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का एक और प्रभावशाली उदाहरण सामने आया है। राजधानी लखनऊ में दबंगों के कब्जे के कारण वर्षों से न्याय के लिए भटक रही एक दिवंगत सेना अधिकारी की बेटी को महज 24 घंटे के भीतर न सिर्फ उसका घर वापस मिला, बल्कि आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
दिवंगत मेजर की बेटी की आपबीती
पीड़िता अंजना, स्वर्गीय मेजर बिपिन चंद्र भट्ट की बेटी हैं, जिनका इंदिरानगर में ए-418 नंबर का मकान है। वर्ष 1994 में पिता के निधन के बाद परिवार बिखर गया और समय के साथ अंजना के भाई व बहन का भी देहांत हो गया। अकेलेपन और लगातार उत्पीड़न के चलते अंजना मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गईं और 2016 से रिहैब सेंटर में इलाजरत रहीं। इसी दौरान चंदौली निवासी बलराम यादव और मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर मकान पर अवैध कब्जा कर लिया।
सीएम से शिकायत के बाद त्वरित कार्रवाई
मकान पर कब्जे की जानकारी मिलने पर अंजना ने स्थानीय थाने में शिकायत की, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन और पुलिस सक्रिय हुई और जांच पूरी कर गुरुवार दोपहर से पहले ही अंजना को उनके घर का कब्जा दिला दिया गया। साथ ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
घर लौटकर भावुक हुई अंजना
अपने घर में दोबारा प्रवेश करते ही अंजना भावुक हो गईं। उन्होंने घर के हर कमरे को देखा, दीवारों को छुआ, नारियल फोड़ा और दीप जलाकर पूजा की। खुशी के आंसुओं के बीच उन्होंने कहा, ‘थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू।’ इसके बाद उन्होंने पड़ोसियों और आसपास की महिलाओं से मिलकर पुराने दिनों की यादें साझा कीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा करने के मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई जारी है।











































