बुंदेलखंड में फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा! केन-यमुना उफान पर, चिल्ला घाट पर भी बढ़ा जलस्तर

पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बांदा की नदियों पर भी नजर आने लगा है। केन और यमुना नदी के जलस्तर में एक बार फिर तेजी दर्ज की गई है। नदी किनारे बसे गांवों में बढ़ते पानी को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।

केन नदी का पानी 98.64 मीटर पहुंचा

ताजा दोपहर 12 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक केन नदी का जलस्तर 98.64 मीटर दर्ज किया गया है। पानी लगातार बढ़ने के कारण आसपास के इलाकों के लोगों की निगाहें नदी के जलस्तर पर बनी हुई हैं।

Also Read: UP: बाढ़ प्रभावित गांव पहुंचे प्रभारी मंत्री आशीष पटेल, 500 पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री

यमुना में भी लगातार उफान

चिल्ला घाट पर यमुना नदी का जलस्तर 90.80 मीटर तक पहुंच गया है। फिलहाल नदी का पानी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

पहाड़ों की बारिश से बढ़ सकता है जलस्तर

पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का दौर आगे भी जारी रहा तो केन और यमुना नदियों के जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है और प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

Also Read: मिर्ज़ापुर: बाढ़ की विभिषिका जारी, पानी के बीच फंसे खोचवा मजरे के लोग, मदद के लिए पहुंची एसडीआरएफ टीम

अभी की स्थिति

केन नदी का जलस्तर 98.64 मीटर, जबकि चिल्ला घाट पर यमुना का जलस्तर 90.80 मीटर दर्ज किया गया है। यमुना फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन पानी बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए आने वाले घंटों में स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।

देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.