कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी सफलता में डॉ. **इंद्रनील खान** की जीत को खासा महत्व दिया जा रहा है। बेहाला (पश्चिम) सीट से BJP के टिकट पर चुनाव लड़कर उन्होंने शानदार जीत दर्ज की है।
कौन हैं डॉ. इंद्रनील खान?
– कैंसर के मशहूर डॉक्टर
– BJYM (भारतीय जनता युवा मोर्चा) के पूर्व अध्यक्ष
– पश्चिम कोलकाता के भद्रलोक वर्ग (educated middle class) और पढ़े-लिखे मुसलमानों के बीच भाजपा की पैठ बनाने में अहम भूमिका
डॉ. खान को भाजपा की उस रणनीति का चेहरा माना जा रहा है, जिसने TMC के डर से दबे हुए पढ़े-लिखे मुसलमानों और भद्रलोक वर्ग को पार्टी के साथ जोड़ने का काम किया।
अल्पसंख्यक वोट का योगदान
भाजपा सूत्रों और विश्लेषकों का कहना है कि इस बार BJP की “सुनामी” जैसी जीत में अल्पसंख्यक वोट, खासकर शिक्षित मुस्लिम वोट का भी अहम योगदान रहा है। डॉ. इंद्रनील खान जैसी छवि वाले उम्मीदवारों ने इस वर्ग में भरोसा जगाने का काम किया, जो पहले TMC के डर से खुलकर BJP को वोट नहीं दे पाते थे।
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भद्रलोक में BJP की जड़ें मजबूत
डॉ. खान ने कोलकाता के शिक्षित, प्रोफेशनल और मध्यम वर्ग में भाजपा की स्वीकार्यता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी जीत को BJP के “सबका साथ, सबका विकास” नारे को अल्पसंख्यक वर्ग तक पहुंचाने का सफल उदाहरण माना जा रहा है।
यह जीत सिर्फ एक सीट की जीत नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की रणनीति और सामाजिक समीकरण बदलने का प्रतीक बन गई है।










































