सीतापुर: उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संचालित पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी फूल चंद्र यादव को सौंपा। ज्ञापन जिला अध्यक्ष रवींद्र दीक्षित और जिला मंत्री हंसराज वर्मा के नेतृत्व में दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक और संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
अनियमितता पर वास्तविक जिम्मेदारी तय करने की मांग
शिक्षक संघ ने कहा कि पीएम पोषण योजना के संचालन में प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक को कई स्तरों पर जिम्मेदार ठहराया जाता है, जबकि भोजन निर्माण समेत कई व्यवस्थाओं में ग्राम पंचायत की भी अहम भूमिका होती है। संघ ने मांग की कि किसी भी विद्यालय में अनियमितता मिलने पर बिना जांच के शिक्षकों पर कार्रवाई न की जाए, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक जिम्मेदार व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाए।
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गैस और भोजन व्यवस्था की समस्याएं उठाईं
ज्ञापन में विद्यालयों में समय से भोजन उपलब्ध न होने, गैस सिलेंडर की आपूर्ति में दिक्कत, स्कूलों तक सिलेंडर न पहुंचने और लंबे समय से बंद गैस कनेक्शनों के नवीनीकरण जैसी समस्याओं का जिक्र किया गया। इसके अलावा नए गैस सिलेंडर खरीदने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध न होने की समस्या भी उठाई गई। संघ ने भोजन के नमूनों और वास्तविक रूप से परोसे जाने वाले भोजन के मिलान तथा भोजन की मात्रा और भुगतान की धनराशि की उचित जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
रसोइयों की नियुक्ति और जर्जर रसोईघरों का मुद्दा
शिक्षक संघ ने रसोइयों के चयन में प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक की भूमिका सीमित किए जाने की मांग की। साथ ही विद्यालयों में जर्जर रसोईघरों, उखड़ते प्लास्टर और गिरती बालू जैसी समस्याओं को गंभीर बताते हुए तत्काल मरम्मत और कायाकल्प कराने की मांग की। विकास क्षेत्र महमूदाबाद के प्राथमिक विद्यालय छंगापुर से जुड़े पीएम पोषण मामले में भी संघ ने निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय करने की मांग रखी।
एफआईआर वापस लेने और व्यवस्था में सुधार की मांग
संघ ने प्राथमिक विद्यालय छंगापुर के मामले में संबंधित शिक्षिका के खिलाफ दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट वापस लेने की मांग भी की। जिला अध्यक्ष रवींद्र दीक्षित ने कहा कि पीएम पोषण योजना से जुड़े मामलों में भविष्य में कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषी की पहचान की जानी चाहिए। ज्ञापन के दौरान विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष-मंत्री, जिला कार्यसमिति के पदाधिकारी और सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।



















































