UP: अमेठी में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को लेकर नए नियम लागू होने के बाद तहसील परिसर में हलचल बढ़ गई है। निर्धारित समय के बाद प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब जांच और अनुमति की प्रक्रिया से गुजरना होगा। प्रशासन की ओर से लोगों को नियमों की जानकारी देने के लिए तहसील परिसर में विभिन्न स्थानों पर सूचनाएं भी चस्पा की गई हैं।
21 दिन के भीतर पंजीकरण पर सामान्य प्रक्रिया
नए प्रावधानों के अनुसार, जन्म या मृत्यु के 21 दिन के भीतर पंजीकरण कराने पर प्रमाण पत्र सामान्य प्रक्रिया के तहत जारी किया जाएगा। वहीं, 21 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद आवेदन करने वालों के लिए अतिरिक्त जांच की व्यवस्था की गई है। एक वर्ष के भीतर किए जाने वाले विलंबित पंजीकरण में संबंधित स्तर से सत्यापन कराया जाएगा।
एक साल बाद अनुमति और जांच जरूरी
यदि जन्म या मृत्यु की घटना को एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है तो प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति के साथ जांच कराई जाएगी। वहीं, दो वर्ष से अधिक पुराने मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश की आवश्यकता पड़ सकती है। इन प्रावधानों के चलते पुराने मामलों में प्रमाण पत्र बनवाना पहले की तुलना में अधिक जटिल हो सकता है।
अधिवक्ता ने जताई आपत्ति
नियमों को लेकर अधिवक्ता राजेश मिश्रा ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि नई व्यवस्था से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और पुराने प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को तहसील के साथ न्यायालय के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए बार-बार तहसील और अदालत जाना समय और आर्थिक दोनों दृष्टि से परेशानी का कारण बनेगा।
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एसडीएम ने कहा- शासन के निर्देशों के अनुसार होगी कार्रवाई
उपजिलाधिकारी पंकज मिश्र ने कहा कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के पंजीकरण की प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही पूरी की जाएगी। तय समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों में नियमानुसार सत्यापन और आवश्यक अनुमति ली जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें और सभी जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आएं।



















































