गोरखपुर: बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सड़क दुर्घटना में घायल मरीज की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराने की बात को लेकर 6 अक्टूबर (मंगलवार) देर रात 12 बजे के बाद तीमारदारों और जूनियर डाक्टरों के बीच विवाद हो गया. तीमारदारों ने जूनियर डाक्टरों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
पुलिस ने शव को मोच्यूरी हाउस भेजकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई. संतकबीरनगर के तेनुहारी सोयम गांव निवासी 45 वर्षीय उमाकांत चौधरी तीन अक्टूबर को सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे. उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल संतकबीरनगर में भर्ती कराया गया था. हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया. सिर में चोट को देखते हुए उमाकांत को मेडिसिन इमरजेंसी के वार्ड नंबर 11 में भर्ती किया गया. आरोप है कि रेफर पर्ची पर सड़क दुर्घटना यानी आरटीए दर्ज होने के बावजूद मरीज को मेडिसिन वार्ड में भर्ती किया गया. मंगलवार रात करीब 12 बजे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.
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ड्यूटी पर तैनात जूनियर डाक्टरों ने डेथ सर्टिफिकेट जारी कर शव घर ले जाने को कहा. इस पर तीमारदारों ने दुर्घटना में हुई मौत के कारण पोस्टमार्टम कराने की मांग की. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई. तीमारदारों का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर वार्ड नंबर 11 की गैलरी का चैनल गेट बंद कर उनके साथ मारपीट की गई.
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पोस्टमार्टम के लिए मेमो तैयार कर गुलरिहा पुलिस को भेजा गया, जिसके बाद प्रक्रिया आगे बढ़ सकी. घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है.
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