UP: नवरात्रि में मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग, फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र

मथुरा: शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के नजदीक आते ही ब्रज में सनातन संस्कृति की रक्षा और धर्म की मर्यादा को बनाए रखने की मांग तेज हो गई है। ब्रज के प्रसिद्ध संत फलाहारी महाराज ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर नवरात्रि के नौ दिनों तक पूरे उत्तर प्रदेश में मांस-मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

महाराज ने अपने पत्र में कहा है कि नवरात्रि का पर्व सनातनी हिंदुओं के लिए सबसे अधिक पवित्र और शक्ति की उपासना का पर्व है, इस दौरान बेजुबान जानवरों की हत्या पर रोक लगनी ही चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिंदुओं का गौरव बताते हुए उम्मीद जताई है कि वह सनातनी भावनाओं का सम्मान करते हुए इस पर तत्काल निर्णय लेंगे।

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फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा है कि नवरात्रि के नौ दिन माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के दिन होते हैं। इन दिनों में देश भर के करोड़ों सनातनी हिन्दू व्रत रखते हैं, सात्विक भोजन करते हैं और अपने घरों व मंदिरों में पूजा-पाठ करते हैं। माताएं-बहनें सुबह-शाम मंदिरों में जाकर माता के दरबार में शीश झुकाती हैं, दुर्गा सप्तशती का पाठ करती हैं और पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाती हैं।

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ऐसे पवित्र समय में जब सड़कों और बाजारों में खुलेआम दुकानों पर बकरे, भैंसे और मुर्गे टंगे रहते हैं और खुले में मांस की बिक्री होती है, तो उस दूषित वातावरण से होकर निकलना शाकाहारी और व्रतधारी हिंदुओं के लिए बेहद पीड़ादायक और मुश्किल भरा हो जाता है। इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। महाराज ने कहा कि धर्म और आस्था का अपमान करने वाले इस दृश्य पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।

अपने पत्र में फलाहारी महाराज ने ब्रज भूमि के महत्व का भी विशेष उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा है कि ब्रज भूमि केवल एक भू-भाग नहीं है, बल्कि यह भगवान श्री कृष्ण की क्रीड़ा स्थली है। यहीं पर भगवान ने माखन चोरी लीला, रास लीला, महारास लीला जैसी दिव्य लीलाएं की हैं। यह भूमि कण-कण में पवित्र है, यहां की रज में भी भगवान कृष्ण के चरणों की धूल है। ऐसी पवित्र भूमि पर और पूरे प्रदेश में जब नवरात्रि जैसे पवित्र पर्व पर भी जीव हत्या होती है तो यह पूरे सनातन धर्म के लिए कलंक के समान है। ब्रज में तो वैसे भी मांस-मदिरा की बिक्री पहले से ही प्रतिबंधित होनी चाहिए।

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