UP: सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत खानपुर गुर्जर में सरकारी रिकॉर्ड से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां दो जीवित ग्रामीणों के नाम पर कथित रूप से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। मामला उजागर होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ितों ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे पीड़ित
पीड़ितों का आरोप है कि 24 जून 2026 को ग्राम पंचायत सचिव की लॉगिन आईडी का इस्तेमाल कर उनके नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद दोनों ग्रामीण, डॉ. तौसीफ चौधरी, शराफत चौधरी और जाबिर के साथ मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि वे पूरी तरह जीवित हैं, फिर भी सरकारी अभिलेखों में उन्हें मृत दर्शा दिया गया।
प्रमाण पत्र निरस्त, लेकिन कई सवाल अब भी बरकरार
शिकायत मिलने के बाद खंड विकास कार्यालय गंगोह ने दोनों फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह फर्जीवाड़ा किसके निर्देश पर हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। इस कारण प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सरकारी सुविधाओं और संपत्ति पर पड़ सकता था असर
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस गड़बड़ी का पता नहीं चलता तो उन्हें गंभीर नुकसान उठाना पड़ सकता था। सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित होने की वजह से उनकी जमीन, राशन कार्ड, बैंकिंग सेवाओं और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े अधिकार प्रभावित हो सकते थे। इसे देखते हुए उन्होंने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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उच्चस्तरीय जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
पीड़ितों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।



















































