UP: इटावा के सैफई स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को बड़े खेल आयोजनों का केंद्र बनाने के उद्देश्य से करीब 325 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था। वर्ष 2013 में शुरू हुआ निर्माण कार्य 2017 में पूरा हो गया, लेकिन नौ वर्ष बीतने के बाद भी यहां कोई राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबला आयोजित नहीं हो सका। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह स्टेडियम अब भी अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप उपयोग का इंतजार कर रहा है।
आधुनिक सुविधाओं के बावजूद बदहाल दिखा परिसर
करीब 43 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर के ड्रेसिंग रूम, जिम, फिजियोथेरेपी सेंटर, मीडिया सेंटर, वीआईपी और कॉरपोरेट बॉक्स के साथ अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद हालिया निरीक्षण में मुख्य प्रवेश द्वार के टूटे शीशे, दर्शक दीर्घाओं पर जमी धूल और परिसर में उगी झाड़ियां व ऊंची घास रखरखाव की कमी को उजागर करती नजर आईं।
स्थानीय खिलाड़ियों को बड़े मंच की उम्मीद
वर्तमान में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज के लगभग 50 खिलाड़ी यहां नियमित अभ्यास करते हैं। स्थानीय खिलाड़ियों का मानना है कि यदि रणजी ट्रॉफी, महिला क्रिकेट, अंडर-19, अंडर-23 टूर्नामेंट, बीसीसीआई की घरेलू प्रतियोगिताएं और प्रशिक्षण शिविर यहां आयोजित किए जाएं तो क्षेत्र के उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर अवसर मिल सकता है।
निरीक्षण हुए, लेकिन आयोजन नहीं
स्टेडियम का निर्माण समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में पूरा हुआ था। इसके बाद योगी सरकार में तत्कालीन खेल मंत्री चेतन चौहान और वर्ष 2019 में खेल राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी ने भी यहां का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की थी। हालांकि इन दौरों के बावजूद अब तक कोई बड़ा क्रिकेट आयोजन स्टेडियम को नहीं मिल सका।
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प्रबंधन का दावा- सुविधाओं में हो रहा सुधार
मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य सर्वेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि स्टेडियम की व्यवस्थाओं में पहले की तुलना में लगातार सुधार किया जा रहा है। बाउंड्री वॉल बनने से आवारा गोवंश का प्रवेश पूरी तरह रुक गया है और सुरक्षा के लिए नियमित गार्ड तैनात हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन से अनुमति मिलने पर भविष्य में यहां बड़े खेल आयोजनों का आयोजन संभव हो सकेगा।



















































