रायबरेली। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय में की गई भारी वृद्धि के बाद जनपद में उत्सव जैसा माहौल है। मंगलवार को शहर के गोपाल सरस्वती इंटर कॉलेज में आयोजित भव्य ‘शिक्षामित्र सम्मान समारोह’ में मुख्य अतिथियों ने शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का डमी चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने शिक्षामित्रों को समाज का सच्चा ‘निर्माणकर्ता’ बताया।
अब ₹18,000 मिलेगा मानदेय, अप्रैल से लागू
जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी ने समारोह को संबोधित करते हुए खुशखबरी साझा की कि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10,000 से सीधे बढ़ाकर ₹18,000 कर दिया है। यह बढ़ी हुई दरें अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार ने शिक्षामित्रों के लिए ₹5 लाख तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा देने का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
शिक्षा मित्र केवल शिक्षक नहीं, राष्ट्र निर्माता: दिनेश प्रताप सिंह
प्रदेश के उद्यान मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों ने कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों के भविष्य को संवारने का काम किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षामित्र केवल शिक्षक नहीं, बल्कि समाज के निर्माता हैं। योगी सरकार ने न केवल मानदेय बढ़ाया है, बल्कि आपके सम्मान को आपकी चौखट तक पहुंचाया है।
ग्रामीण क्षेत्रों की मजबूत नींव हैं शिक्षामित्र: अदिति सिंह
सदर विधायक अदिति सिंह ने शिक्षामित्रों के धैर्य और लगन की सराहना करते हुए कहा कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने में इनका योगदान अतुलनीय है। वहीं, सलोन विधायक अशोक कुमार ने कहा कि यह सम्मान आपके कार्यों के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है।
मंच पर मौजूद रहे दिग्गज
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका, मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता, एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ, एएसपी आलोक सिंह सहित बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में भूमिका निभाई। मंच का संचालन एस.एस. पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया।
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