UP: देवरिया (Deoria) जिले में प्राथमिक शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह (Krishna Mohan Singh) की आत्महत्या के मामले में आखिरकार कार्रवाई हुई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह फैसला देवरिया सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी (BJP MLA Shalabh Mani Tripathi) द्वारा बेसिक शिक्षा मंत्री को लिखे गए पत्र के बाद लिया गया। विधायक ने पत्र में बीएसए के खिलाफ तत्काल निलंबन और विभागीय जांच की मांग की थी, जिस पर अब कार्रवाई हो गई है।
सुसाइड नोट और वीडियो में लगे थे गंभीर आरोप
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट और वीडियो संदेश में बीएसए श्रीमती शालिनी एवं उनके कार्यालय पर भ्रष्टाचार, फाइलों को लटकाने, अनियमितताओं और मानसिक दबाव डालने के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने लिखा था कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद उनकी फाइल एक साल तक ठंडे बस्ते में पड़ी रही। निराशा और मानसिक दबाव में उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।
विधायक का पत्र और मांगें
डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने बेसिक शिक्षा मंत्री को पत्र में लिखा था:
- बीएसए श्रीमती शालिनी को तत्काल निलंबित किया जाए।
- मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- जांच पूरी होने तक अधिकारी को किसी भी प्रशासनिक कार्य में शामिल न किया जाए।
- पीड़ित शिक्षक के परिवार को उचित मुआवजा और न्याय दिलाया जाए।
विधायक ने कहा था कि शिक्षक की अंतिम इच्छा और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई न होने से जनमानस में संशय और आक्रोश है।
बीएसए कार्यालय में एक साल तक फाइल लंबित
मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था। हाईकोर्ट ने बीएसए कार्यालय को फाइल का निस्तारण जल्द करने का आदेश दिया था। लेकिन एक साल तक फाइल ठंडे बस्ते में पड़ी रही। जब डीएम ने बीएसए कार्यालय का दौरा किया तो यह लापरवाही सामने आई। डीएम ने बीएसए पर कड़ा रुख अपनाया था। अब विधायक के पत्र के बाद बीएसए का निलंबन हो गया है।
शिक्षक समाज और परिवार में राहत
शिक्षक संगठनों और परिवार ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। परिवार का कहना है कि अब न्याय की उम्मीद बंधी है। शिक्षक संगठनों ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। अफसरों की लापरवाही से कई शिक्षकों की जान जा चुकी है। उन्होंने मांग की है कि सभी लंबित फाइलों की समयबद्ध जांच हो और दोषी अफसरों पर कड़ी कार्रवाई हो।
प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई
बेसिक शिक्षा विभाग ने बीएसए श्रीमती शालिनी के निलंबन के साथ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच पूरी होने तक बीएसए कार्यालय का प्रभार किसी अन्य अधिकारी को दिया जाएगा। यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं तो बीएसए के खिलाफ स्थायी बर्खास्तगी, रिकवरी और आपराधिक मुकदमा तक की कार्रवाई हो सकती है।







































