हापुड़- बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में फर्जी मुक्ति प्रमाण पत्र का मामला

BSA ने दो सहायक अध्यापकों को निलंबित किया, एक पर विभागीय जांच

हापुड़ जिले के गढ़ तहसील अंतर्गत झड़ीना न्याजपुर ख्य्या स्थित स्कूल में बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के दौरान फर्जी मुक्ति प्रमाण-पत्र (Discharge Certificate) का गंभीर मामला सामने आया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए दो सहायक अध्यापकों को निलंबित कर दिया है।

कौन-कौन हुए निलंबित?

सहायक अध्यापक सिद्धार्थ को फर्जी मुक्ति प्रमाण-पत्र बनाने और इस्तेमाल करने के आरोप में तत्काल निलंबित कर दिया गया है। सहायक अध्यापक फरमान को भी निलंबित किया गया है। उन पर बोर्ड ड्यूटी के दौरान बच्चों के साथ अभद्रता (अशोभनीय व्यवहार) करने का आरोप है।

आशीष पर भी गंभीर आरोप, विभागीय जांच जारी

सहायक अध्यापक आशीष पर भी फर्जी मुक्ति प्रमाण-पत्र बनाने और इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। BSA ने उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल और मामले का विवरण

यह पूरा मामला गढ़ तहसील के झड़ीना न्याजपुर ख्य्या स्थित प्राथमिक/उच्च प्राथमिक स्कूल से जुड़ा है। बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के दौरान जब फर्जी प्रमाण-पत्र की जांच हुई तो यह खुलासा हुआ। फर्जी दस्तावेज बनाकर अध्यापक बोर्ड ड्यूटी पर आने की कोशिश कर रहे थे, जो गंभीर अनुशासनहीनता और धोखाधड़ी का मामला है।

BSA का सख्त रुख

बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि स्कूल शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़ा और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबित अध्यापकों के खिलाफ नियमों के अनुसार आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई हापुड़ जिले में शिक्षा विभाग की छवि सुधारने और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आगे की जांच में और खुलासे हो सकते हैं।