लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में सरकारी खर्च कम करने, ऊर्जा संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सीएम योगी ने स्वयं अपना काफिला छोटा करने का फैसला लिया और सभी मंत्रियों-विधायकों को भी काफिले छोटे करने के निर्देश दिए।
काफिला कम करने और वाहन उपयोग पर सख्त निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि वे अपने काफिले का आकार कम करें। उन्होंने मेट्रो, बस, ई-रिक्शा और कारपूलिंग का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया। सीएम ने कहा कि सरकारी वाहनों का अनावश्यक उपयोग रोका जाए और ई-वाहनों को प्रोत्साहन दिया जाए।
कार्यालयों में AC तापमान 24-26 डिग्री रखने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने ऊर्जा बचत को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि छोटी-छोटी बचत से राज्य को बड़ी राहत मिलेगी।
हाइब्रिड बैठकें, वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल संस्कृति पर जोर
योगी सरकार अब हाइब्रिड बैठकों को बढ़ावा देगी। सीएम ने डिजिटल कार्य संस्कृति अपनाने और जहां संभव हो वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। इससे पेपर वर्क कम होगा और ईंधन की बचत होगी।
सौर ऊर्जा, PNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
बैठक में सौर ऊर्जा, पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने LPG की जगह घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शनों में PNG को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वोकल फॉर लोकल अभियान को और मजबूती देने का भी फैसला लिया गया।
6 महीने तक विदेश यात्राओं पर रोक
सीएम योगी ने मंत्रियों और अधिकारियों को अगले 6 महीने तक विदेश यात्राओं से परहेज करने के निर्देश दिए। केवल अत्यावश्यक मामलों में अनुमति ली जाएगी।
नए मंत्रियों ने जताया आभार
बैठक में शामिल नए मंत्रियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीएम का यह संकल्प राज्य को वित्तीय अनुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम साबित होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन निर्देशों को केंद्र सरकार की अपील के अनुरूप ऊर्जा संरक्षण, खर्च में कटौती और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की जा रही है।










































