रामपुर: आजम खान (Azam Khan) और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) को अदालत से बड़ा झटका लगा है। दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में सेशन कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी है, जिससे उनकी सजा बरकरार रहेगी। यह फैसला उनके लिए कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सजा के खिलाफ अपील भी खारिज
एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद 25 नवंबर 2025 को दोनों ने सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष ने विस्तार से अपने-अपने तर्क रखे। अदालत ने सभी दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाते हुए अपील को खारिज कर दिया गया है।
पहले ही सुनाई जा चुकी है 7 साल की सजा
गौरतलब है कि 17 नवंबर 2025 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान, अब्दुल्ला आजम और तंजीम फातिमा को दोषी ठहराते हुए 7-7 साल की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। सजा के बाद से दोनों रामपुर जिला जेल में बंद हैं।
दो पैन कार्ड और फर्जी दस्तावेज का मामला
इस केस में अब्दुल्ला आजम पर अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाने का आरोप है। आरोप यह भी है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी प्रणाली को गुमराह किया गया। यह मामला 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे से जुड़ा है, जिसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।












































