महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) ने शिवाजी महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिंदुत्व को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि हर परिवार को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक को संघ का स्वयंसेवक बनाना चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री दुर्गा मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस अवसर पर शास्त्री ने कहा कि भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएँ लगातार आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने सनातन धर्म की बढ़ती प्रतिष्ठा पर भी जोर दिया और कहा कि देश में धर्म और संस्कृति का सम्मान लगातार बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने दुर्गा मंदिर के भूमिपूजन को भारत की आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बताया।
छत्रपति शिवाजी महाराज का उदाहरण
अपने संबोधन में उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज और स्वामी रामदास के प्रसंग को साझा किया। शास्त्री ने कहा कि जब शिवाजी महाराज युद्धों से थककर राज्य छोड़ने का विचार कर रहे थे, तब स्वामी रामदास ने उन्हें उनके कर्तव्य की याद दिलाई और शासन कार्य जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इसे राष्ट्र सेवा और जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर टिप्पणी
धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संघ के कार्यकर्ता और नेतृत्व ने देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और कई बार आपदाओं के समय बिना किसी भेदभाव के राहत कार्यों में सक्रिय रहते हैं।
भारत माता के उद्घोष पर वक्तव्य
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां ‘भारत माता की जय’ का उद्घोष गर्व के साथ किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत माता और दुर्गा माता के आशीर्वाद से देश आगे बढ़ रहा है और इसकी सांस्कृतिक पहचान और मजबूत हो रही है।
















































