गोरखपुर। सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गोरखपुर यातायात पुलिस ने नेशनल हाईवे और लिंक एक्सप्रेसवे पर दो दिवसीय सघन अभियान चलाकर नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की। 9 और 10 मई को जिले के 8 प्रमुख टोल प्लाजा पर एक साथ चलाए गए इस अभियान में बड़ी संख्या में वाहनों की जांच की गई और कई गंभीर उल्लंघनों का खुलासा हुआ।
अभियान के दौरान यातायात पुलिस टीम ने ब्रेथ एनालाइजर की मदद से कुल 1085 वाहन चालकों की जांच की। इसमें 70 चालक नशे की हालत में वाहन चलाते पाए गए, जो सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माने जाते हैं। सभी के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई की गई।
ओवरस्पीडिंग और बिना नंबर प्लेट वाहनों पर भी शिकंजा
चेकिंग के दौरान 46 वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में चलते मिले, जिन पर तत्काल चालान किया गया। वहीं 32 डंपर और ट्रक बिना नंबर प्लेट के संचालित होते पाए गए, जिन्हें नियमों का घोर उल्लंघन मानते हुए उनके खिलाफ सीज/चालान की कार्रवाई की गई।
प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर पर भी कार्रवाई
अभियान में 11 वाहनों में अवैध प्रेशर हॉर्न लगे पाए गए, जबकि 3 वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल हो रहा था, जिससे ध्वनि प्रदूषण फैलता है। ऐसे वाहनों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई।
8 टोल प्लाजा पर एक साथ चेकिंग से बढ़ी सख्ती
यातायात पुलिस द्वारा जिले के 8 प्रमुख टोल प्लाजा पर एक साथ चेकिंग अभियान चलाया गया, जिससे नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस की इस समन्वित कार्रवाई से कई ऐसे वाहन भी पकड़े गए, जो अक्सर जांच से बच निकलते थे।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल चालान तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। विशेष रूप से नशे में वाहन चलाना और ओवरस्पीडिंग को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण मानते हुए इस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के सघन अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं और वाहन के सभी दस्तावेज व मानक सही रखें, ताकि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके और सड़कें सुरक्षित बनी रहें।












































